यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chardham Yatra 2021: चारधाम यात्रियों के लिए बनेगा सिंगल विंडो सिस्टम, हटाई जाएगी ये बाध्यता
Chardham Yatra 2021 श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा की एसओपी में सरकार संशोधन करने जा रही है। इस बारे ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Chardham Yatra 2021 चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा की मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) में सरकार संशोधन करने जा रही है। इस बारे में बुधवार को शासन आदेश जारी कर सकता है। इसके तहत देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड से जारी ई-पास धारकों के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता हटाई जाएगी। इससे यात्रियों को एक ही जगह पंजीकरण कराना होगा। अब तक उन्हें दो पोर्टल पर पंजीकरण कराना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सरकार चार धामों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने के लिए डाटा जुटाकर उच्च न्यायालय में पैरवी की तैयारी में जुटी है।
हाई कोर्ट से चारधाम यात्रा के लिए सशर्त अनुमति मिलने के बाद 18 सितंबर से यात्रा शुरू की गई। इसके तहत चारों धामों में रोजाना दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या तय की गई है। यात्रा के लिए देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ई-पास जारी कर रहा है। 15 अक्टूबर तक के लिए ई-पास की बुकिंग हो चुकी है। साथ ही यात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर भी पंजीकरण कराना है। दरअसल, राज्य में लागू कोविड कफ्र्यू की गाइडलाइन के मुताबिक अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वालों के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।
चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर ई-पास और स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण के लिए एक ही तरह के दस्तावेज अपलोड करने पड़ रहे हैं। इससे गफलत भी पैदा हो रही है। स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराकर उत्तराखंड आने वाले लोग चारधाम के यात्रा पड़ावों तक भी पहुंच जा रहे हैं, लेकिन ई-पास न होने के कारण उन्हें धामों में दर्शन की इजाजत नहीं मिल पा रही। नतीजतन यात्रियों का हंगामा सुर्खियां बन रहा है।
इस सबको देखते हुए बीते रोज अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री आनंद बद्र्धन ने चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि चारधाम यात्रियों के लिए पंजीकरण व ई-पास की व्यवस्था सिर्फ देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर ही होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम की एसओपी से स्मार्ट सिटी पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण की बाध्यता को हटाया जाए। इसे देखते हुए धर्मस्व विभाग कसरत में जुटा है और बुधवार को एसओपी में संशोधन के आदेश जारी होने की संभावना है।