Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा में धर्म, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम, ऐसे हो रहे रिश्ते मजबूत
चारधाम यात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में विभिन्न राज्यों के यात्री एक-दूसरे की संस्कृति साझा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था भी इस यात्रा से जुड़ी है जिससे उन्हें रोजगार मिलता है। प्रशासन और सामाजिक संगठन यात्रियों की सेवा में तत्पर हैं जो चारधाम यात्रा को अविस्मरणीय बनाते हैं।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। वैसे तो चारों धामों की यात्रा के धार्मिक महत्व से सभी परिचित हैं। अक्सर हम चारधाम यात्रा का महत्व धार्मिक रूप तक सीमित कर देते हैं, लेकिन असल में इसका महत्व कई अधिक है, क्योंकि यह यात्रा धार्मिक आस्था से लेकर सांस्कृतिक विविधता, एकता व सेवाभाव का अनूठा उदाहरण है।
मौजूदा चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम जरूर है, मगर यात्रा का प्रवेश द्वार ऋषिकेश धार्मिक व सांस्कृतिक रंगों से सराबोर है। ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में उत्तरी, पश्चिमी व पूर्वी व दक्षिणी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं और एक छत के नीचे मिल-जुलकर रह रहे हैं। कई राज्यों के यात्री एक-दूसरे की संस्कृति के बारे में जान रहे हैं और अपनी संस्कृति से समरूपता व विविधता को भी साझा कर रहे हैं।
धार्मिक आस्था
ट्रांजिट कैंप में विभिन्न राज्यों के यात्री भगवान के भजन गाकर समय व्यतीत कर रहे हैं। कई यात्रियों के समूह ढोल, मंजीरा समेत कई वाद्य-यंत्र भी साथ लाएं हैं और मधुर संगीत के साथ भजन का आनंद ले रहे हैं। चारधाम यात्रा को लेकर यात्री उत्साहित हैं।
इसे भी पढ़ें- Cyber Crime: देहरादून में शेयर बाजार का झांसा देकर की ठगी, एक गलती और लग गई 14.30 लाख रुपये की चपत
सांस्कृतिक विविधता
राजस्थान के नागौर जिले से आए किशन मीणा ने कहा कि राजस्थान के कई जिलों से यात्री पहुंचे हैं। सभी गोरबंद, कागा, लांगुरिया आदि प्रमुख लोकगीतों का सामूहिक रूप से आनंद ले रहे हैं। मध्य प्रदेश से पहुंची रावी देवी, शीतला देवी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कलगी, देवासी, बसदेवा, पंडवानी आदि लोकगीत लोकप्रिय हैं। यात्री इन गीतों को गाकर समय व्यतीत कर रहे हैं। वहीं, आसपास मौजूद अन्य राज्यों के यात्री भी इन लोकगीतों का आनंद ले रहे हैं और इसके बारे में जानकारी लेने को उत्सुक रहते हैं।
ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में यात्रियों को भोजन वितरित करते नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी। जागरण
सेवा भाव: यात्रियों का खूब हो रहा आतिथ्य सत्कार
ऋषिकेश पहुंच रहे चारधाम यात्रियों को रहने, खाने-पीने की बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रशासन सहित सामाजिक संगठन यात्रियों की हर मदद के लिए मुस्तैद हैं। नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी रोजाना यात्रियों को भोजन वितरण करने के साथ उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति के बारे में जानकारी भी दे रहे हैं। नगर आयुक्त यात्रियों को चारों धामों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों से भी अवगत करा रहे हैं। वहीं, कई सामाजिक संगठन भी यात्रियों के लिए निश्शुल्क भोजन सहित अन्य सेवाएं दे रहे हैं।
इसे भी पढ़ें- दून-मसूरी के कई स्कूलों ने बच्चों को घर ले जाने का दिया विकल्प, भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी का असर
स्थानीय लोगों की आर्थिक से जुड़ी है यात्रा
चारधाम यात्रा पर परिवहन, होटल जैसे बड़े कारोबार से लेकर डंडी, थैला जैसे छोटे व्यवसायी भी निर्भर रहते हैं। चारधाम यात्रा में हजारों लोगों को आर्थिकी के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में थैला बेच रहे 22 वर्षीय किशन ने बताया कि वह 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के थैले बेचता है। वर्तमान में उसकी रोजाना 400 से 800 रुपये की कमाई हो जाती है।
हालांकि, पिछली बार की तुलना में यात्री कम होने के कारण कमाई कुछ कम है। डंडी बेच रहे रामकुमार ने कहा कि चारधाम यात्रा से उसके परिवार को बहुत आस होती है। यात्रा के दौरान हुई कमाई से वह बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाते हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।