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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ी खबर, NEET-UG की न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव

By Sukant mamgainEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 17 Jun 2023 07:51 AM (IST)

NEET-UG बता दें कि बीती दो जून को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसके अनुसार 31 ...और पढ़ें

NEET-UG: नीट-यूजी की न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव
NEET-UG: नीट-यूजी की न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव

HighLights

  1. नीट-यूजी की न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव
  2. पहले 31 जनवरी 2024 तक 17 साल की उम्र पूरी करने वालों को ही माना गया था पात्र
  3. नीट-यूजी के टाई-ब्रेकिंग फार्मूले में अब कोई बदलाव नहीं होगा, यह यथावत ही रहेगा

जागरण संवाददाता, देहरादून : NEET-UG: डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने की न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव कर दिया है। 31 दिसंबर 2024 तक 17 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले छात्र अब यह परीक्षा दे सकेंगे।

बता दें कि बीती दो जून को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसके अनुसार 31 जनवरी 2024 तक 17 वर्ष की आयु पूर्ण करने वालों को ही नीट के लिए पात्र माना गया था। लेकिन आयोग ने अब उक्त अधिसूचना में संशोधन किया है। जिसमें स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी के टाई-ब्रेकिंग फार्मूले में कोई बदलाव नहीं होगा। यह यथावत रहेगा।

दरअसल, नीट के आधार पर देशभर के मेडिकल व डेंटल कालेजों में दाखिला होता है। इसके अलावा आयुष व वेटरनरी कोर्स में भी प्रवेश नीट के स्कोर के आधार पर होते हैं। कई बड़े संस्थान बीएससी नर्सिंग में भी दाखिला नीट के आधार पर करते हैं। ऐसे में हर साल लाखों अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं।

बीती दो जून को जारी अधिसूचना के कारण नीट की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्रों की उम्मीद को झटका लगा था। 12वीं कर रहे 17 वर्ष से कम के कई छात्र इस दौड़ से बाहर हो गए थे। लेकिन अब वह परीक्षा में शामिल हो पाएंगे और उनका साल भी बर्बाद होने से बच जाएगा।

टाई-ब्रेकिंग फार्मूला पहले की तरह रहेगा

एनएमसी ने टाई-ब्रेकिंग फार्मूले को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। पूर्व में जारी अधिसूचना में भौतिक विज्ञान की वेटेज बढ़ा दी गई थी। कहा गया था कि छात्रों के बराबर अंक आने पर उनकी रैंक तय करने के लिए सबसे पहले उनके भौतिक विज्ञान के अंक देखे जाएंगे।

इसके बाद रसायन विज्ञान और फिर जीव विज्ञान के अंकों के आधार पर रैंक निकाली जाएगी। लेकिन अब एनएमसी ने साफ किया है कि टाई-ब्रेकिंग की पुरानी ही व्यवस्था बहाल रहेगी। यानी पहले जीव विज्ञान, इसके बाद रसायन विज्ञान और फिर भौतिक विज्ञान के अंकों के आधार पर रैंक तय होगी।

अंकों की बाध्यता नहीं

नीट देने के लिए अंकों की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान/बायोटेक्नोलाजी और अंग्रेजी के साथ 12वीं पास कोई भी छात्र नीट-यूजी के लिए आवेदन कर सकता है। जबकि पहले सामान्य वर्ग के छात्र के लिए 50 और एससी, एसटी व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता थी।