Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    केंद्र सरकार ने उत्‍तराखंड की 37 योजनाओं को दिखाई हरी झंडी, 615 करोड़ की राशि से गति पकड़ेगा विकास

    Updated: Thu, 26 Sep 2024 08:20 PM (IST)

    Uttarakhand New Projects उत्तराखंड के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार ने राज्य की 37 परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिसके लिए 615 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इन परियोजनाओं में केदारनाथ धाम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार सौंग बांध परियोजना उच्च शिक्षा स्वास्थ्य ऊर्जा सिंचाई और लोक निर्माण क्षेत्रों में ढांचागत विकास शामिल हैं। इस अनुदान से राज्य को वित्तीय संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

    Hero Image
    Uttarakhand New Projects: वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन योजनाओं के लिए 615 करोड़ की राशि राज्य को मिलेगी।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। Uttarakhand New Projects: बाबा केदारनाथ के धाम और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधरेगी। विशेषकर केदारनाथ धाम में बाधा के बिना बिजली उपलब्ध होगी। इसके लिए 96 करोड़ की दो योजनाओं के शीघ्र आकार लेने का रास्ता साफ हो गया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वहीं तेजी से बढ़ती जनसंख्या की पेयजल संबंधी आवश्यकता पूरी करने के लिए सौंग बांध परियोजना का कार्य गति पकड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने अवस्थापना विकास से संबंधित 37 योजनाओं को स्वीकृति दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन योजनाओं के लिए 615 करोड़ की राशि राज्य को मिलेगी।

    यह भी पढ़ें- अब तेजी से निपट सकेंगी पेंशनर की परेशानियां, केवाइसी से लिए नहीं लगाने होंगे चक्‍कर

    केंद्र सरकार को भेजी थी 47 पूंजीगत परियोजनाओं की सूची

    प्रदेश को उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सिंचाई और लोक निर्माण के क्षेत्रों में ढांचागत कार्यों के लिए वित्तीय संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। अवस्थापना विकास के लिए यह राशि केंद्र सरकार विशेष पूूंजीगत सहायता के अंतर्गत उपलब्ध करा रही है।

    प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 47 पूंजीगत परियोजनाओं की सूची केंद्र सरकार को भेजी थी। कुल 3850.32 करोड़ के इन प्रस्तावों के लिए विशेष सहायता मद में 719 करोड़ रुपये की अपेक्षा की गई थी। केंद्र ने इनमें से 37 योजनाओं के लिए 615 करोड़ की राशि देने को हरी झंडी दिखाई है।

    आठ योजनाओं के लिए 214.15 करोड़ की राशि

    अवस्थापना विकास में सर्वाधिक भागीदारी ऊर्जा क्षेत्र की है। इस क्षेत्र की आठ योजनाओं के लिए 214.15 करोड़ की राशि उपलब्ध होगी। केदारनाथ धाम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 33 केवीए सबस्टेशन एवं अन्य कार्याें के लिए 80 करोड़ एवं रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग तक वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति नेटवर्क को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि केदारनाथ में आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ रहे। इसी प्रकार जलविद्युत निगम की चार योजनाओं के लिए 108.23 करोड़ और पिटकुल की दो योजनाओं के लिए 9.92 करोड़ की राशि दी गई है।

    यह भी पढ़ें- उत्‍तराखंड में अंत्योदय परिवारों के लिए खुशखबरी, 2027 तक मिलेंगे निश्शुल्क रसोई गैस सिलिंडर

    ऊर्जा के बाद दूसरे स्थान पर लोक निर्माण विभाग की हिस्सेदारी है। विभाग की सड़क सुरक्षा से संबंधित 15 योजनाओं के लिए 137.21 करोड़ रुपये को स्वीकृति मिली है। पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर जिलों की इन योजनाओं में सड़कों पर यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने की दृष्टि से कई निर्माण कराए जाएंगे। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में पुलिस आवास के साथ ही आउटपोस्ट के निर्माण कार्यों के लिए 73.62 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

    माडल महाविद्यालयों के लिए 40 करोड़

    उच्च शिक्षा में ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए केंद्र ने 68.39 करोड़ की सात योजनाओं पर मुहर लगाई। पुरोला, गैरसैंण,त्यूणी और हल्दूचौड़ के निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालयों के लिए छह करोड़, छह स्नातकोत्तर महाविद्यालयों के लिए 10 करोड़, 20 माडल महाविद्यालयों में छात्रावास और आइटी लैब निर्माण को 40 करोड़ मिलेंगे। इसके अतिरिक्त दून विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों के लिए धनराशि को स्वीकृति दी गई है।

    शारदापीठ व मीराबेन घाट का होगा निर्माण

    देहरादून की पेयजल की आवश्यकता की पूर्ति में सौंग बांध परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस परियोजना के लिए केंद्र से 100 करोड़ राज्य को मिलने का रास्ता साफ हो चुका है। साथ में डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत गंगा के किनारे शारदापीठ घाट और मीराबेन घाट के निर्माण को पांच करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

    केंद्र सरकार ने स्वीकृत योजनाओं के लिए पहली किस्त की राशि जारी की है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि संबंधित विभागों को पहली किस्त के सदुपयोग के लिए तेजी से कार्य करना होगा, ताकि अगली किस्त मिलने में कठिनाई न हो।