विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए राहतभरी खबर, छात्र जहां हैं वहीं बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र

By Edited By:
Published: Wed, 27 May 2020 08:01 PM (IST)Updated: Wed, 27 May 2020 09:30 PM (IST)

सीबीएस बोर्ड ने फैसला लिया है कि छात्र अभी जहां रह रहे हैं वहीं नजदीक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इससे छात्रों को अनावश्यक यात्रा नहीं करनी होगी।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए राहतभरी खबर, छात्र जहां हैं वहीं बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र
सीबीएसई बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए राहतभरी खबर, छात्र जहां हैं वहीं बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र

देहरादून, जेएनएन। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पूर्व में स्थगित की गई बोर्ड परीक्षाओं को कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी हो चुका है, जिसके बाद अब अब बोर्ड ने फैसला लिया है कि छात्र अभी जहां रह रहे हैं, वहीं उनके नजदीक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इससे छात्रों को अनावश्यक यात्रा नहीं करनी होगी। कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते सभी बोर्डों ने अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं, जिसके बाद से ही छात्र और उनके अभिभावक बोर्ड परीक्षाओं और भविष्य को लेकर चिंतित थे। ऐसे में बोर्ड स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार स्थगित परीक्षाएं कराने जा रहा है। 

उधर, कई छात्र-छात्राएं परीक्षाएं स्थगित होने के बाद से ही अपने परीक्षा केंद्र से दूर परिवार या रिश्तेदारों के घर चले गए थे। अब उनके लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने बताया कि मूल परीक्षा केंद्र से दूर रह रहे कई छात्रों को परीक्षाएं देने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता, जिससे संक्रमण बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही एक शहर से दूसरे शहर में जाने पर छात्रों को क्वारंटाइन भी किया जाता है।

यह भी पढ़ें: CBSE Date Sheet 2020: उत्तराखंड में स्थगित परीक्षाओं के लिए डेटशीट जारी, देखें शेड्यूल 

दोनों ही चीजों से बचने के लिए सीबीएसई ने जहां छात्र अभी मौजूद हैं, वहीं उनकी परीक्षाएं कराने की तैयारी की है। उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्कूल अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से फोन पर संपर्क कर उनकी मौजूदा स्थिति का जायजा लेकर क्षेत्रीय दफ्तर को रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद नए सिरे से परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इसके साथ ही इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश में परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ जाएंगी।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में प्रधानाचार्यों का पांच दिनी ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू, इन बिंदुओं पर होगा फोकस