राज्य ब्यूरो, देहरादून: अपने बेबाक बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत अब पार्टी संगठन में काम करने के इच्छुक हैं। बकौल हरक, 'मैंने चुनाव बहुत लड़ लिए। अब युवाओं को मौका मिलना चाहिए। मैंने पार्टी हाईकमान को भी इस बारे में बता दिया है। साथ ही आग्रह किया है कि अब मुझे पार्टी संगठन में काम दिया जाए।' उधर, सियासी गलियारों में हरक के इस बयान को अपनी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट मांगने की जुगत से जोड़कर देखा जा रहा है।

वर्ष 2016 के सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हरक सिंह रावत विधानसभा की कोटद्वार सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में भी वह कई मुद्दों को लेकर मुखर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई मर्तबा भविष्य में चुनाव न लडऩे की इच्छा जताई थी। प्रदेश सरकार में इस साल मार्च में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद हरक ने तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए कोटद्वार सीट छोडऩे की पेशकश की थी। अब हरक ने कोटद्वार में हुई भाजपा मंडल कार्यसमिति की बैठक में फिर से चुनाव न लडऩे की इच्छा दोहराई।

हरक ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि विकास कार्यों को वह राजनीतिक चश्मे से नहीं देखते। विकास कार्यों के मद्देनजर भाजपा, कांग्रेस समेत सभी दलों के लोग उनसे मिलते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि विकास से जुड़ा कोई काम रुके नहीं। इस दौरान कुछ लोग उनसे यह भी आग्रह करते हैं कि वे उनके क्षेत्र से चुनाव लड़ें।

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हरक के अनुसार उनका यही जवाब होता है कि वह विधायक का चुनाव बहुत लड़ चुके हैं। अब युवाओं को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत अन्य केंद्रीय नेताओं को भी अपनी इस इच्छा से अवगत करा चुके हैं। साथ ही उन्होंने हाईकमान से आग्रह किया है कि अब उन्हें पार्टी संगठन में काम दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी दायित्व देगी, उसे निभाने को वह भरसक प्रयास करेंगे। 

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Edited By: Sumit Kumar