राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भाजपा के साथ बुधवार को हुई मैराथन समन्वय बैठक में चुनाव में जीत के मद्देनजर बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया गया तो बदली परिस्थितियों में नई रणनीति तय करने के लिए कई अहम सुझाव भी दिए गए। संघ ने ग्राम स्तर तक भाजपा की मजबूती के लिए पार्टी संगठन को अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता बताई। इसके लिए आनुषांगिक संगठनों के साथ बेहतर तालमेल और जनता से निरंतर संवाद बनाए रखने संबंधी टिप्स भी दिए गए।

संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार व कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में पहले दिन भाजपा के साथ करीब 12 घंटे तक चली समन्वय बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव मुख्य रूप से चर्चा के केंद्र में रहा। प्रदेश की भाजपा सरकार में दो बार नेतृत्व परिवर्तन हो चुका है तो प्रदेश संगठन में भी मुखिया बदला गया है। लिहाजा बदली परिस्थितियों में चुनाव की रणनीति में भी बदलाव जरूरी है। इसे देखते हुए बैठक में विधानसभा चुनाव में नई रणनीति के साथ उतरने और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा की ओर से बताया गया कि चुनाव के दृष्टिकोण से पार्टी ने दिसंबर तक के कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। इस पर संघ की ओर से कई सुझाव दिए गए। इसमें भी ग्राम स्तर तक समन्वय पर खास जोर दिया गया। बताया गया कि जल्द ही पार्टी विधानसभा क्षेत्रवार प्रभारी व सह प्रभारी नियुक्त करेगी, तो संघ भी समन्वयकों की तैनाती करेगा। यानी, चुनावी रणनीति किस तरह से धरातल पर उतर रही है, इस पर भी संघ की पैनी नजर रहेगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में चुनाव के मद्देनजर लाइन आफ एक्शन भी तय किया गया।

बैठक में मौजूद रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की ओर से अब तक लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। साथ ही भविष्य का एजेंडा भी संघ के समक्ष रखा। सूत्रों ने बताया कि बैठक में उपस्थित रहे संघ से जुड़े 35 संगठनों के पदाधिकारियों से भी संघ ने फीडबैक लिया।

Edited By: Sunil Negi