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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधायक काऊ के समर्थन में आए कैबिनेट मंत्री हरक, बोले- एक परिवार के हैं; बाहर और भीतर की बात ठीक नहीं

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Tue, 07 Sep 2021 06:39 PM (IST)Updated: Tue, 07 Sep 2021 09:52 PM (IST)

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत काऊ के समर्थन में आगे आए हैं। उनका कहना है कि वे इस संबध में ...और पढ़ें

विधायक काऊ के समर्थन में आए कैबिनेट मंत्री हरक, बोले- एक परिवार के हैं।
विधायक काऊ के समर्थन में आए कैबिनेट मंत्री हरक, बोले- एक परिवार के हैं।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। रायपुर क्षेत्र से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और पार्टी कार्यकर्त्ताओं के बीच शनिवार को हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत विधायक काऊ के समर्थन में आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। इस संबंध में वह भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे। हरक ने कहा कि हम लोग पांच साल पहले भाजपा में आए थे और हम एक परिवार की तरह हैं। यदि अब भी बाहर व भीतर की बात होगी तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर अफवाह फैलाकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि जैसे हम पार्टी छोड़ने जा रहे हों। ऐसे लोग भाजपा के हितैषी नहीं हो सकते।

कैबिनेट मंत्री डा रावत ने यमुना कालोनी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि उमेश शर्मा काऊ प्रदेश के सर्वाधिक मतों से जीतने वाले विधायकों में हैं। देहरादून में रायपुर, डोईवाला, धर्मपुर समेत अन्य सीटों पर उनका प्रभाव है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में हमने सामूहिक निर्णय लिया और फिर हम कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। तब भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत हुई थी। उनके द्वारा भरोसा दिलाया गया कि सबको भाजपा परिवार में सम्मान मिलेगा।

डा रावत के अनुसार हाल में जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हरिद्वार आए थे, तब उनके समक्ष भी बात उठी थी कि कांग्रेस से आए नेताओं के साथ आज भी परिवार की तरह व्यवहार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक काऊ को जिस तरह कमजोर करने का प्रयास कुछ लोग कर रहे हैं, वे भाजपा के कार्यकर्त्ता नहीं हो सकते। भले ही वे खुद को भाजपा का कार्यकर्त्ता कहते होंगे, लेकिन इस तरह विधायक की अवमानना व अपमान कर उसकी छवि को धूमिल करना, किसी भी पार्टी व परिवार के लिए अच्छा नहीं है। वह भी तब, जबकि चुनाव नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग विधायक के खिलाफ माहौल बना रहे हैं, उनकी मंशा भाजपा के खिलाफ है और वे भाजपा को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से भी समय-समय पर सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की गई है। अगर हम पार्टी में शामिल हो गए हैं तो पार्टी कार्यकर्त्ता हो गए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भेदभाव करता है या फिर जानबूझकर ऐसा व्यवहार करता है तो उसे पार्टी कार्यकर्त्ता नहीं माना जा सकता। इस बारे में भी पार्टी नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है कि ये सब पार्टी के लिए फायदेमंद नहीं है। इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी उनकी है, जो इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं।

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