विकासनगर, जेएनएन। देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड में प्रवास के लिए तीन प्रजातियों के परिंदे और पहुंचे हैं। अब यहां सात प्रजातियों के परिंदे उत्तराखंड के मेहमान बन चुके हैं, जो मार्च तक यहां पर प्रवास पर रहेंगे।

बता दें कि कुछ समय पहले सुर्खाब, ग्रे लेग गीज, कारमोरेंट, कामन पोचार्ड प्रजातियों के परिंदे उत्तराखंड के मेहमान बने थे। गुरुवार को टफ्ड, गैडवाल, रेड नेप्ड आइबीज प्रजातियों के परिंदे भी प्रवास को आ चुके हैं। जिससे आसन झील में परिंदों का कलरव बढ़ गया है। स्थानीय प्रजातियों के परिंदे भी विदेशियों के बीच में घुल मिल गए हैं। बता दें कि आसन वेटलैंड में अक्टूबर से मार्च तक विदेशी परिंदों व अप्रैल से सितंबर तक स्थानीय परिंदों का राज रहता है। वर्तमान में सुर्खाब, ग्रे लेग गीज, कारमोरेंट, कामन पोचार्ड, टफ्ड, गैडवाल, रेड नेप्ड आइबीज आदि सात प्रजातियों के परिंदे प्रवास पर पहुंच चुके हैं।

विदेशी परिंदे ठंडे देशों साइबेरिया, कजाकिस्तान आदि देशों से अक्टूबर में प्रवास के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर सुर्खाब यानि रुडी शेलडक की संख्या अन्य परिंदों से काफी ज्यादा है। चकराता वन प्रभाग के डीएफओ दीप चंद आर्य द्वारा करायी गयी, लोकल गणना में प्रवासी परिंदों की संख्या 800 के करीब पहुंच गयी है, बाकी लोकल प्रजाति के परिंदे भी झील में मौजूद हैं। आसन रेंजर जवाहर सिंह तोमर व पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना के अनुसार आसन झील में प्रवास के लिए तीन प्रजातियों के परिंदे और पहुंचे हैं। प्रवासी परिंदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसको देखते हुए रात दिन की गश्त शुरू हो गयी है। 

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आसन में ये परिंदे आते हैं प्रवास पर 

देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन नमभूमि क्षेत्र में व्हाइट ब्रेस्टेड वाटरहेन, कामन मोरहेन, रेड वेटल्ड लेपविंग, रीवर लेपविंग, यूरोशियन करलू, मार्स शेंडपाइपर, कामन ग्रीनसेंक, ग्रीन शेंडपाइपर, कामन शेंडपाइपर, पलास गल, पलास फिश इगल, वेस्टन मार्स हेरर, स्माल ब्ल्यू किंगफिशर, व्हाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, बार हेडेड गीज, पर्पल स्वेप हेन, लेसर पाइड किंगफिशर, कामन स्वेलो, व्हाइट वेगटेल, व्हाइट ब्राउड वेगटेल, ग्रे वेगटेल, डस्टी क्रेग मार्टिन, स्टार्क थ्रोटेड स्वेलो, प्लेन मार्टिन, ब्लैक काइट, ब्लैक विंग्ड सिल्ट, कामन कूट, वूली नेक्टड, पेंटेड स्टार्क, रुडी शेलडक, ब्लैक आइबीज नया नाम रेड कैप्ट आइबीज, पलास फिश ईगल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, ग्रे लेग गूज, आदि प्रजातियों के परिंदे प्रवास पर आते हैं।

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किस साल कितने आए परिंदे

  • वर्ष 2015 में 48 प्रजातियों के 5796 परिंदे
  • वर्ष 2016 में 84 प्रजातियों के 5635 परिंदे
  • वर्ष 2017 में 60 प्रजातियों के 4569 परिंदे
  • वर्ष 2018 में 61 प्रजातियों के 6008 परिंदे

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