देहरादून, जेएनएन। आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी आयुष कॉलेजों की मनमानी के विरोध में छात्र-छात्राओं का आंदोलन जारी है। नौ दिन तक हर्रावाला स्थित विवि के गेट पर धरना-प्रदर्शन करने के बाद निजी आयुष कॉलेजों के छात्र पिछले दो दिन से परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर क्रमिक अनशन कर रहे हैं। वहीं शनिवार से छात्र-छात्राओं ने बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। 

छात्रों के बेमियादी अनशन के पहले दिन छात्र अजय व छात्रा प्रगति जोशी बैठे। इस दौरान छात्रों ने चेताया कि यदि राज्य सरकार निजी आयुष कालेजों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है तो वे राजभवन व मुख्यमंत्री आवास कूच करने को बाध्य होंगे। छात्रों ने कहा कि आयुर्वेद विवि के कुलपति ने बीती पांच अक्टूबर को आश्वासन दिया था कि  नियमों का उल्लंघन कर रहे आयुष कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बावत विवि प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भी प्रेषित किया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल शासनादेश जारी कर निजी आयुर्वेदिक कालेजों में शुल्क आठ हजार रुपये से बढ़ाकर सवा दो लाख रुपये कर दिया था। इसके खिलाफ छात्र और उनके अभिभावकों ने नैनीताल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
न्यायालय की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन द्वारा बढ़ाये गए शुल्क के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही दो सप्ताह में बढ़े हुए शुल्क को वापस करने का आदेश भी निजी आयुष कालेजों को दिया था। लेकिन आयुर्वेद विवि से संबद्ध निजी आयुष कॉलेज उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। छात्रों पर बढ़ा हुआ शुल्क जमा करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा छात्र इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

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