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    अतिक्रमण हटाने गए एसडीएम पर हमला, एक घायल

    By BhanuEdited By:
    Updated: Fri, 13 Apr 2018 06:12 PM (IST)

    अवैध निर्माण को हटाने पहुंचे एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह पर कब्जेदार और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया। हमले में एसडीएम के कपड़े फट गए और उनसे धक्का-मुक्की की गई।

    अतिक्रमण हटाने गए एसडीएम पर हमला, एक घायल

    देहरादून, [जेएनएन]: राजपुर के बगरियाल गांव में ग्राम समाज की भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने पहुंचे एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह पर कब्जेदार और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया। हमले में एसडीएम के कपड़े फट गए और उनसे धक्का-मुक्की की गई। 

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    बीच-बचाव को आए एक ग्रामीण का सिर फट गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपित कब्जेदार को समेत सात लोगों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। 

    बता दें कि बगरियाल गांव की प्रधान विमला देवी ने ग्राम समाज की करीब ढाई बीघा जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की कुछ दिन पहले प्रशासन से शिकायत की थी। डीएम एसए मुरुगेशन के निर्देश पर एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह बुधवार शाम चार बजे के करीब बगरियाल गांव पहुंचे। 

    यहां एसडीएम ने देखा कि ग्राम समाज की जमीन पर सिर्फ कब्जा ही नहीं किया गया है, बल्कि उस पर निर्माण कर उसमें डेयरी भी खोल ली गई है। साथ ही वहां से गुजरने वाला रास्ता भी बंद करा दिया गया है। मगर कब्जेदार के डर से ग्रामीण कुछ नहीं कर पा रहे हैं। 

    मौका मुआयना करने के बाद एसडीएम ने मौके पर मिले चिरंजीव शर्मा से कब्जे के बाबत जानकारी लेनी चाही तो उसने एसडीएम से पहचान पत्र दिखाने की बात कही और उल्टे उन पर रौब गांठने लगा। 

    एसडीएम ने कहा कि डीएम के निर्देश पर वह कब्जा हटाने आए हैं। आरोप है कि इतना सुनते ही चिरंजीव ने पास ही अपने बंगले में मौजूद आधा दर्जन से अधिक लोगों को शोर मचा कर बुला लिया। लाठियां लेकर पहुंचे सभी लोगों ने एसडीएम को घेर लिया। 

    इससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। एसडीएम ने लोगों को रोकने को कोशिश की तो उनसे आरोपितों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उनके कपड़े फाड़ दिए। इस दौरान एक व्यक्ति ने उन पर लाठी से वार कर दिया तो ग्रामीण लक्ष्मण सिंह रावत बीच में आ गए। 

    लाठी उनके सिर पर पड़ी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। बवाल बढ़ता देख ग्रामीण भी एकजुट हो गए और एसडीएम को किसी तरह बचाकर हमलावरों के बीच से बाहर निकाला। मामले में हलका लेखपाल की तहरीर पर चिरंजीव शर्मा उसके भाई राजीव शर्मा समेत आधा दर्जन अज्ञात के खिलाफ देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

    फोर्स पहुंचने पर हटा अतिक्रमण

    एसडीएम पर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आसपास के थानों की फोर्स के साथ एडीएम अरविंद पांडेय व एसपी सिटी पीके राय मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके से चिरंजीव शर्मा समेत सात लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने ग्राम समाज की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को तोड़ दिया। 

    तीन दिन पहले भी गई थी टीम

    तहसीलदार एमसी रमोला, नायब तहसीलदार जसपाल राणा के नेतृत्व में तीन दिन पूर्व भी प्रशासन की टीम अवैध कब्जा हटाने गई थी। मगर उस समय भी शर्मा बंधुओं ने प्रशासनिक टीम से अभद्रता कर मौके से दौड़ा दिया था।

    आरोपित के घर से मिली पिस्टल

    बवाल के बाद पुलिस ने चिरंजीव शर्मा के बंगले पर छापा मारा। यहां से पुलिस को एक पिस्टल मिली। एसओ राजपुर अरविंद सिंह ने बताया कि पिस्टल का लाइसेंस नहीं मिला है। उसे कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।

    असोम का मूल निवासी है आरोपी

    अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपित असोम का मूल निवासी है। कुछ साल पहले यहां आया और यहां ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर उस पर मकान बना लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने यहां तक कहा कि जब वह निर्माण कर रहा था, तभी प्रशासन को सूचना दी गई थी। लेकिन कोई उसे टोकने तक नहीं आया था। ऐसे में यह मामला राजस्व विभाग की मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है।

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