देहरादून, जेएनएन। Asha worker on strike 11 सूत्रीय मागों को लेकर आशा कार्यकर्ता तीन दिन की हड़ताल पर चली गई हैं। शुक्रवार को श्रमिक संगठन सीटू से संबद्ध आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के बैनर तले उन्होंने राजधानी देहरादून समेत सभी जनपदों में अपनी मागों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शन के दौरान यूनियन की अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि वह विपरीत परिस्थितियों में हाई रिस्क जोन में कार्य कर रही हैं, लेकिन सरकार का रवैया उनके प्रति उपेक्षित बना हुआ है। एकमुश्त मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। जिसके विरोध में शनिवार (आज) को सभी जिला मुख्यालयों में एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। 

उधर, आशा कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर जाने से डेंगू के मच्छर के खात्मे के लिए चलाया जा रहा अभियान प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कि मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उसके बाद उन पर कई कार्यो का बोझ लाद दिया गया। इसकी एवज में उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की शुरुआत में सर्विलांस आदि कार्यों के लिए आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई थी। 

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बात जब ड्यूटी के बदले भुगतान करने की आई तो उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया। इसके बाद डेंगू मच्छर के खात्मे के लिए घर-घर सर्वे करने में उनकी ड्यूटी लगाई गई है वह भी न्यूनतम भुगतान पर। उन्होंने माग की है कि आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी सेवक का दर्जा देकर न्यूनतम मासिक वेतन 21 हजार रुपये दिया जाए। सभी मदों व प्रोत्साहन राशि का बकाया भुगतान करने की माग भी उन्होंने की है। इस मौके पर सुनीता, मंजू, अनिता, हेमलता, अंजू थापा, पिंकी खंडूड़ी, अनीता अग्रवाल, रजनी, कलावती, मीना जखमोला, नीलम आदि मौजूद रहीं।

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