उत्तराखंड में जोशीमठ दुर्घटना के बाद चर्चा में आया Airbus H125 हेलीकॉप्टर: जानें इसकी खासियतें
उत्तराखंड के जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद VT-HCX एयरबस H125 चर्चा में है। यह हल्का, सिंगल-इंजन वाला ...और पढ़ें

फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राहुल चौहान, देहरादून। उत्तराखंड में जोशीमठ के नजदीक पांडुकेश्वर में भेड़ गदेरे की पहाड़ी पर एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद से वीटी-एचसीएक्स हेलीकॉप्टर चर्चा में आ गया है। लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर यह किस तरह का हेलीकॉप्टर है।
एयरबस की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार वीटी-एचसीएक्स एक हल्का, सिंगल-इंजन वाला एयरबस हेलीकॉप्टर होता है। दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर का मॉडल एच-125 (एएस350बी3) था, जिसे ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता था।
हेलीकॉप्टर की ऑपरेशनल प्रोफाइल
एयरक्राफ्ट का प्रकार एयरबस एच-125 (एएस350बी3) रोटरी-विंग, सिंगल-इंजन वाला यूटिलिटी/चार्टर हेलीकॉप्टर होता है।
इसकी विशेषता यह है कि इसे अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने, हवाई उपयोगिता वाले कार्यों, चार्टर/एयर-टैक्सी सेवाओं और तीर्थ यात्रा मार्गों जैसे चार धाम यात्रा के लिए डिज़ाइन किया गया है। एच125 मॉडल अपने उच्च 'पावर-टू-वेट रेशियो' (शक्ति और वजन के अनुपात), फुर्ती, और कम हवा वाले तथा ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।
टचस्क्रीन ग्लास बढ़ाता है पायलटों की सुरक्षा
H125 में टचस्क्रीन ग्लास कॉकपिट इंस्ट्रूमेंट पैनल है, जो पायलटों की सुरक्षा बढ़ाता है और उनके काम का बोझ कम करता है। इसमें गार्मिन G500H TXi एवियोनिक्स सूट और एयरबस के लिए विकसित 'व्हीकल एंड इंजन मल्टीफंक्शन डिस्प्ले' (वीईएमडी) शामिल हैं।
वीईएमडी की मदद से पायलट एक नज़र में ही मुख्य व्हीकल और इंजन पैरामीटर्स की निगरानी कर सकते हैं। इस हेलिकॉप्टर का वायरलेस कनेक्शन हर उड़ान के पूरा होने पर अपने आप फ्लाइट डेटा ट्रांसफर कर देता है।
क्रैश-रेसिस्टेट फ्यूल सिस्टम से भी लैस होता है ये हेलीकॉप्टर
इसके अलावा, बेसलाइन एच-125 अब एक क्रैश-रेसिस्टेंट फ्यूल सिस्टम से लैस है, जो स्विंग लोड ऑपरेशंस के लिए 'पार्ट 27.952 क्रैशवर्दीनेस गाइडलाइंस' का पूरी तरह से पालन करता है। एच-125 एयरबस के मजबूत और भरोसेमंद 'इकुरिल' परिवार का हिस्सा है।
इकुरिल परिवार (AS350, AS355, AS550, AS555, H125, H125M, EC130, H130) के 7,200 से अधिक हेलीकॉप्टर 137 देशों में 2,600 से ज्यादा ऑपरेटरों को सौंपे जा चुके हैं। इन सभी हेलीकॉप्टरों ने मिलकर अब तक 40 मिलियन (4 करोड़) से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं।
पिछले 30 सालों से सेवाएं दे रहे हैं इस श्रेणी के हेलीकॉप्टर
H125 पिछले 30 वर्षों से अपनी श्रेणी में निर्विवाद रूप से सबसे आगे बना हुआ है। इस सीरीज के लगभग 4,200 हेलीकॉप्टर अभी दुनिया भर में सेवा दे रहे हैं (जिनमें से करीब 1,500 H125/AS350 B3e संस्करण हैं)। इनका मुख्य रूप से उपयोग कठिन और गर्म परिस्थितियों में उच्च-प्रदर्शन वाले मिशनों के लिए किया जाता है।
विश्व रिकॉर्ड धारक
एयरबस की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार H125 सीरीज के हेलीकॉप्टरों ने अपने सफर के दौरान कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। 2005 में, AS350 B3 ने माउंट एवरेस्ट पर 8,848 मीटर (29,029 फीट) की ऊंचाई पर लैंडिंग और टेकऑफ़ करके विश्व रिकॉर्ड कायम किया। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।
मई 2013 में, AS350 B3 ने हिमालय में स्थित दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी, ल्होत्से पर 7,800 मीटर (25,590 फीट) की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा 'लॉन्ग-लाइन' बचाव अभियान पूरा किया।
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ में दर्शन कर लौट रहे थे यात्री, अचानक मची चीख-पुकार... हेलीकॉप्टर क्रैश में छह की मौत- तस्वीरें
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: जोशीमठ में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, सेना द्वारा शवों का रेस्क्यू जारी
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।