एम्स ऋषिकेश भर्ती फर्जीवाड़ा: वायरमैन पद पर नियुक्ति में धांधली, एक गिरफ्तार
एम्स ऋषिकेश में भर्ती प्रक्रिया के दौरान वायरमैन पद पर नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। अक्सर भर्ती फर्जीवाड़े को लेकर सुर्खियों में रहने वाला अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश एक बार फिर चर्चाओं में है। एम्स भर्ती में भर्ती प्रक्रिया में अभिलेख सत्यापन के दौरान परीक्षा देने वाले और नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति की पहचान में विसंगति पकड़े जाने पर नया नियुक्ति फर्जीवाड़ा सामने आया है।
पुलिस ने एम्स प्रशासन की शिकायत पर आरोपित दोनों व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरे की खोजबीन जारी है।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि बीते शनिवार को एम्स ऋषिकेश की सीआरई-3 भर्ती में प्रक्रिया के अंतर्गत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था।
इस दौरान वायरमैन पद के लिए उपस्थित अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा की पहचान को लेकर संदेह हुआ। उपलब्ध मूल अभिलेखों एवं पहचान-पत्रों का मिलान करने पर प्रथमदृष्टया परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी व एम्स ऋषिकेश में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति की पहचान में अंतर प्रतीत हुआ।
दोनों व्यक्तियों के पहचान-पत्रों पर अंकित विवरण समान होने के बावजूद उनके फोटोग्राफ में अंतर पाया गया। इस पर एम्स ऋषिकेश के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने एम्स पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी।
एससपी देहरादून, एसपी ग्रामीण व सीओ ऋषिकेश के निर्देश पर ऋषिकेश पुलिस ने तुरंत गहन जांच की और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
बताया कि रविवार को अशोक कुमार मीणा निवासी ग्राम चौरवाड़ा, पोस्ट टोडा भाटा, थाना बस्सी, जनपद जयपुर, राजस्थान से पूछताछ की गई, जिसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसे न्यायालय के समक्ष पेश किया और न्यायालय के आदेश से जिला कारागार देहरादून भेजा गया। अन्य आरोपित विकास कुमार मीणा निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, जनपद दौसा, राजस्थान है।
