यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चंद्रभागा के अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई
जागरण संवाददाता ऋषिकेश गंगा की सहायक चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर अतिक्रमण कर ब

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : गंगा की सहायक चंद्रभागा नदी के दोनों किनारों पर अतिक्रमण कर बसी झुग्गी झोपड़ियों को उप जिला अधिकारी की मौजूदगी में प्रशासन और नगर निगम की टीम है हटा दिया। यहां फिर से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन मुकदमा दर्ज कराएगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर करीब एक वर्ष पूर्व जिलाधिकारी देहरादून ने इस मामले में टास्क फोर्स का गठन किया था। इसमें तहसील, नगर निगम, पुलिस विभाग, सिचाई विभाग, एनएच डिविजन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। इसके बाद यहां से करीब 500 अवैध झुग्गी झोपड़ी हटाई गई थी। बाद में फिर से यहां बस्ती आबाद होने लगी। मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा भी इन बस्ती वालों पर मंडरा रहा था। मंगलवार को उप जिलाधिकारी वरुण चौधरी की मौजूदगी में पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम ने यहां से झुग्गी झोपड़ियों को हटा दिया। मौके पर इन अतिक्रमणकारियों के पक्ष में पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव जयपाल जाटव ने यह कहकर प्रतिवाद किया कि जब भूमि श्री भरत मंदिर की बताई जा रही है तो प्रशासन किस आधार पर कार्रवाई कर रहा है। उपजिलाधिकारी ने कहा कि नदी का मध्य भाग हो या दोनों किनारे इनमें किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं रहने दिया जाएगा। गंगा के फ्रंट को हरहाल में अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ तो कार्रवाई होगी साथ ही यहां फिर से अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मौके पर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, सफाई निरीक्षक डीडी सेमवाल, अभिषेक मल्होत्रा, प्रशांत कुकरेती आदि शामिल रहे।
