मां बाराही मंदिर में चार खाम सात थोक के लोगों ने की सामूहिक पूजा-अर्चना
विश्व प्रसिद्ध मां बाराही धाम देवीधुरा के ऐतिहासिक खोलीखाड़ दूबाचौड़ मैदान में विधिवत पूजा अर्चना की गई।

संवाद सहयोगी, लोहाघाट : विश्व प्रसिद्ध मां बाराही धाम देवीधुरा के ऐतिहासिक खोलीखाड़ दूबाचौड़ मैदान में प्राचीन काल से चली आ रही कलुवा बेताल की शुक्रवार श्रावण शुक्ल त्रयोदशी पर्व पर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। जिसमें चार खाम सात थोक प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। कलुवा बेताल की अन्य वषरें की भाति इस वर्ष भी विशेष पूजा अर्चना की गई।
पीठाचार्य भुवन चंद्र जोशी ने मंत्रोच्चारण के साथ वीरों का आह्वान किया। गव्यौरी के प्रवेश द्वार में स्थित कलुवा बेताल संग चौसठ योगिनी और बावन वीरों का आह्वान किया। भक्तों ने मां बाराही और कलुवा बेताल से प्रसन्न होकर जगत की रक्षा करने व विश्व को कोरोना संकट से निजात दिलाने का आवाहन किया। चार खाम सात थोक के प्रधान पत्रों ने महामाया का पूजन के बाद खोलीखाड़ दूबाचौड़ की परिक्रमा करने के बाद पूजन किया। उसके बाद शक्ति गव्योरी से होते हुए माता के दरबार में आकर गणेश जी का पूजन किया। फिर शक्ति गव्यौरी में अष्टोदर पूजन,अनंत देवी, भीम शीला, भैरव मंदिर, काली देवी मंदिर कलुवा बेताल मंदिर, बाराही मंदिर उसके बाद सिंहासन डोले की पूजा अर्चना खुशहाली की कामना की। जिसमें लमगड़िया खाम प्रधान पात्र बीरेंद्र लमगड़िया के नेतृत्व में, वालिक खाम से बद्री सिंह बिष्ट, चम्याल खाम गंगा सिंह चम्याल, गहडवाल खाम के त्रिलोक सिंह बिष्ट के प्रतिनिधि मनोज सिंह, कोट भैसर्क के नंदन सिंह बिष्ट, गुरना का प्रतिनिधि विशन दत्त्त पुजारी, टकना का प्रतिनिधित्व हरीश चंद्र पुजारी फुलारा कोट का प्रतिनिधित्व हीरा सिंह के नेतृत्व में गांव के लोगों ने बाराही धाम पहुंचकर शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर सामूहिक पूजा अर्चना की। बाराही मंदिर समिति के अध्यक्ष खीम सिंह लमड़िया के नेतृत्व में पूजा अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। पूजा अर्चना भुवन चंद्र जोशी ने संपन्न कराई। संस्कृत महाविद्यालय के वेदपाठी छात्रों ने स्द्राभिषेक का पाठ कराया। इस दौरान रोशन लमगड़िया, मनोज कठायत, बद्री सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, हयात सिंह बिष्ट, विशन चम्याल, रामेश राणा, उमेश महारा, देवेंद्र चम्याल, दीपक बिष्ट आय व्यय का प्रस्तुत किया गया।
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