पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को 7 साल की जेल, 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
चंपावत सत्र न्यायाधीश ने एक विवाहिता को क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को सात साल की जेल और 75 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। अभियुक्त जगदीश जोशी पर आरोप था कि उसने अपनी पत्नी भावना को प्रताड़ित किया, जिसने बाद में जहर खा लिया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उसे दहेज उत्पीड़न के आरोप से बरी कर दिया गया, लेकिन क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया।

जागरण संवाददाता, चंपावत। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने विवाहिता के साथ क्रूरता करने व उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को सात वर्ष की जेल की सजा सुनाई है।
अभियुक्त पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड न चुकाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने अभियुक्त को दहेज उत्पीड़न के आरोप से दोषमुक्त किया।
सरतोली गांव निवासी वादी बंशीधर गहतोड़ी ने अक्टूबर 2022 में पाटी थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसकी पुत्री भावना का डेढ़ वर्ष पहले किमाड़ गांव निवासी जगदीश जोशी से विवाह हुआ था। अभियुक्त वादी की बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था।
10 अक्टूबर 2022 की शाम बेटी ने पति के मारपीट करने की शिकायत करते हुए उसे लेने आने की बात कही। मौसम खराब होने से वह नहीं जा सके। दूसरी सुबह दामाद ने भावना ने जहर खाने की सूचना दी। अभियुक्त ने रोड खराब होने की बात कहकर भावना को देरी से अस्पताल पहुंचाया। पाटी अस्पताल पहुंचने पर डाक्टर ने भावना को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि भावना की मौत पिछली रात नौ से एक बजे के बीच हो गई थी। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह व 27 साक्ष्य प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष ने भी दो गवाह पेश किए। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में 36 वर्षीय अभियुक्त दहेज उत्पीड़न के आरोप से मुक्त किया जबकि क्रूरता व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता वीडी जोशी ने पैरवी की।
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