Uttarakhand News: शिक्षक बने डीएम ने समझाया त्रिकोणमिति सिद्धांत, बच्चे बोले- 'सर! बहुत सुस्त चलता है वाई-फाई'
चंपावत के डीएम मनीष कुमार गुरुवार रात शिक्षक बन गए। उन्होंने जिला पुस्तकालय में विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई में मदद की। त्रिकोणमिति समझने में कठिनाई होने पर उन्होंने छात्रों को त्रिभुज कोण और भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करने में मदद की। उन्होंने रटने के बजाय विषय को समझने पर जोर दिया। डीएम ने जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।

जासं, चंपावत। डीएम मनीष कुमार गुरुवार रात शिक्षक बन गए। जिला पुस्तकालय पहुंचे डीएम ने पढ़ाई में जुटे विद्यार्थियों से बातचीत की। सरलता व कठिनाई वाले विषयों के बारे में प्रश्न पूछे।
कुछ छात्रों ने त्रिकोणमिति व मानचित्र को समझने में कठिनाई बताई तो डीएम मनीष कुमार शिक्षक बन गए। छात्रों के बीच बैठकर त्रिभुज, कोण व भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करने में मदद की। कहा, ज्यामिति, खगोल विज्ञान व इंजीनियरिंग में त्रिकोणमिति उपयोगी है।
डीएम मनीष कुमार ने रटने के बजाय विषय का समझने पर जोर देने की बात कही। सभी विषयों को अहमियत देने, बार-बार पुनरावृत्ति करने की सीख दी। डीएम दिव्यांशु व गौतम के साथ बैठे और उन्हें प्रेरित किया।
बाद में पुस्तकालय प्रभारी को अराजक तत्वाें पर कार्रवाई कर अध्ययनरत विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। छात्रों ने पाटी व रीठा साहिब क्षेत्र में पुस्तकालय खोलने की मांग की। डीएम ने प्राथमिकता के आधार पर विचार करने की बात कही। इस दौरान एसडीएम अनुराग आर्या, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहै।
सर! बहुत सुस्त चलता है वाई-फाई
निरीक्षण के दौरान पुस्तकालय प्रभारी शिवम व विद्यार्थियों ने विभिन्न समस्याएं उठाई। सुबह पांच बजे से पुस्तकालय खोलने, वाई-फाई की गति बढ़ाने की मांग की। कहा कि पुस्तकालय में कंप्यूटर व स्टडी केबिन की स्थापना, साउंड एवं मोशन रिकार्डिंग वाले सीसीटीवी की स्थापना की जाए। एसी लगाने से गर्मियों में पढ़ाई कराना आसान होगा।
डीएम ने लाइब्रेरी के स्थान का प्रभावी उपयोग करने, पर्दे बदलने, फायर एक्सटिंग्विशर, छत पर सोलर प्लांट लगाने, लाकर व रैक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अन्य मांगों पर भी जरूरी कदम उठाने को कहा।
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