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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Cloud Burst: बादल फटने से प्राणमति नदी उफान पर, पुल टूट कर नदी में समाया; सैलाब में बह गए वाहन

By Dinesh thapaliyalEdited By: Prince Sharma
Published: Tue, 15 Aug 2023 04:00 AM (IST)

Uttarakhand Cloud Burst उत्तराखंड में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। रविवार रात दस से बारह बजे दो घंटे ...और पढ़ें

Uttarakhand Cloud Burst: बादल फटने से प्राणमति नदी उफान पर
Uttarakhand Cloud Burst: बादल फटने से प्राणमति नदी उफान पर

HighLights

  1. प्राणमति नदी उफान पर है, नदी का वेग बढ़ गया है।
  2. इलाके के कई मकानों में मलबा घुस गया
  3. पुल, गायें व वाहन बह गए

नारायणबगड़, संवाद सूत्र। रविवार रात नौ बजे तक थराली में सब कुछ सामान्य था लेकिन दस से बारह बजे दो घंटे के भीतर थराली के ढ़ाढ़ारबगड़ की पहाड़ी पर ब्रजपात से तेज जलधारा निकली जो प्राणमति नदी से जा मिली और पानी अधिक होने से कुछ देर तक इसके वेग ने पिंडर की तेज धारा को रोक दिया जिससे बारह से क्षेत्र के बारह गांवों को को जोड़ने वाला मोटर पुल टूट गया।

पुल टूट कर नदी में बहा

दरअसल, रविवार थराली बाजार से कुछ दूरी पर भारी बारिश वह ढ़ाढ़रबगड़ की पहाड़ी में हुए हो बज्रपात के कारण प्राणमती नदी का जलस्तर तीव्र गति से बढ़ गया जिस कारण रतगांव को ढाढरबगड़ से जोड़ने वाला वैली ब्रिज बह गया व थराली गांव को कोट डीप से जोड़ने वाला मोटर पुल व पैदल झूला पुल टूट कर नदी के तेज बहाव में बह गया पुल टूटने से थराली गांव, रतगांव, सुनाऊं, पैनगढ़ सहित आधा दर्जन गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया वही इस दौरान थराली के समीप स्थानीय निवासियों की गौशाला व वाहन भी इसकी चपेट में आ गए।

थानाध्यक्ष थराली वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि रविवार देर रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश और पहाड़ी पर हुए वज्रपात के कारण प्राण मती का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया रतगांव को ढाढरबगड़ से जोड़ने वाला वैली ब्रिज के साथ ढाढर बग्गड़ में विरेंद्र की दुकान और गौशाला व देवानंद की गौशाला बह गई।

गौशाला में घुसा पानी जिसमें दो गाय बह गईं

थराली गांव को कोट डीप से जोड़ने वाला मोटर पुल व पैदल झूला पुल टूट के बह गया व प्रेम बुटोला के घर में मलबा चार फिट मलबा भर गया है जिससे समान का नुकसान हुआ लेकिन गनीमत रही कि कोई जन हानि नहीं हुई वही गिरजा पुत्र बलवंत के घर में भी मलबा भरा है व गौशाला बह गई जिसमे दो गायें बह गई इसी के साथ धीरेंद्र सिंह रावत पुत्र कुंवर सिंह कि ऑल्टो कार भी तेज बहाव मे बह गई जबकि पिंडर प्रणामति के संगम पर स्थित लक्ष्मणी नारायण मंदिर का एक हिस्सा बह गया है वही आपदा ग्रस्त इलाकों में विद्युत लाइन व कई पोल छतिग्रस्त होने से इस क्षेत्र की विधुत आपूर्ति बाधित हो गई है।