सड़क बंद होने से टूटा जिंदगी का रिश्ता: गर्भवती ने रास्ते में दिया नवजात को जन्म, अस्पताल पहंचते ही मासूम की मौत
चमोली जनपद में भारी बारिश के कारण सड़कें बंद होने से सिलोडी गांव की एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। रास्ते में ही बच्चे को जन्म देने के बाद अस्पताल पहुंचने पर नवजात की मौत हो गई। ग्रामीणों ने सड़क बंद होने और विभागीय लापरवाही को इस घटना का कारण बताया है जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

संवाद सूत्र, जागरण नारायणबगड़ (चमोली) । चमोली जनपद में मूसलाधार बारिश के चलते जगह-जगह बादल फटने और पहाड़ियों से आए मलबे से वाहनों की रफ्तार थम जाना आमजन की परेशानियों को बढ़ा रहा है मोटर मार्ग बंद रहने से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा समय पर न मिलने से प्रसूता महिलाओं के साथ तिमारदार और ग्रामीणों की परेशानी दोगुनी बढ़ गई है।
जनपद मुख्यालय से 70 किमी और नारायणबगड़ विकासखंड मुख्यालय से 16 किमी की की दूरी पर सिलोडी गांव की प्रसूता को समय पर प्रसव सुविधा न मिलने से मासूम की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। जिससे नवजात की मां और स्वजन दु:खी है।
नारायणबगड़ विकासखंड के दूरस्थ गाँव सिलोडी से घटना सामने आई है गांव से नारायणबगड अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही गर्भवती महिला को बीच रास्ते बच्चे को जन्म देना पड़ा इस दौरान ग्रामीण और स्वजन सहित आशा कार्यकर्ता भी साथ थी लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ ही समय बाद मासूम ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह जब 32 वर्षीय कविता देवी पत्नी कुँवर सिंह प्रसव पीड़ा हुई तो स्वजन ग्रामीणों के सहयोग से सुबह साढ़े छह बजे सिलोडी गांव से नारायणबगड़ की ओर डंडीकंडी के सहारे नारायणबगड स्वास्थ्य केन्द्र ला रहे थे।
सड़क बंद होने की वजह से ग्रामीणों को महिला को डंडी में उठाकर पैदल 7 किमी तक ले जाना पड़ा। इसी दौरान एक घंटे बाद रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बाद में परखाल से निजी वाहन द्वारा जच्चा-बच्चा को नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र अपराह्न 12 बजे लाया गया, लेकिन यहाँ पहुंचते ही नवजात की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि परखाल–सिलोडी मोटर मार्ग पिछले 8 दिनों से पूर्ण रूप से बाधित है। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमानी देवी ने कहा कि मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को लगातार भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और आज यह दर्दनाक घटना विभागीय लापरवाही की वजह से हुई।
सामाजिक कार्यकर्ता वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि पिछले तीन सालों से डोडिंग गधेरे में भूस्खलन के कारण यह मोटर मार्ग बार-बार बाधित होता है। एनपीसी अधिकारियों को कई बार स्थायी समाधान निकालने के लिए कहा गया, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते बरसात में हल्की बारिश भी जीवन को संकट में डाल देती है।
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