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    Chamoli: ज्योतिर्मठ-नीति मलारी हाईवे तीन दिनों से बंद, पहाड़ों से गिर रहे पत्थर; चीन सीमा से कटा संपर्क

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 07:15 PM (IST)

    चमोली जिले में लगातार बारिश से राजमार्ग बाधित हैं जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। अणिमठ पीलपकोटी समेत कई स्थानों पर हाईवे अवरुद्ध है। ज्योतिर्मठ-नीति मलारी हाईवे तीन दिनों से बंद है और जुवाग्वाड़ में फिर भूस्खलन हुआ। बदरीनाथ हाईवे पर भी भूस्खलन से यातायात बाधित है जिससे प्रशासन जूझ रहा है। ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को पैदल चलना पड़ रहा है।

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    ज्योतिर्मठ-नीति मलारी हाईवे तीन दिनों से बंद, पहाड़ों से गिर रहे पत्थर. Jagran

    संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर। चमोली जिले में रात में हो रही वर्षा मुसीबत का सबब बन गई है। लगातार वर्षा के कारण आए दिन हाईवे अवरुद्ध होने से तीर्थयात्रियों और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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    शनिवार तड़के अणिमठ, पीलपकोटी, भनेरपानी, नंदप्रयाग और पागलनाला में हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिससे तीर्थयात्रियों को घंटों तक हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि, मौसम साफ होने के कारण हाईवे खोलने में कोई विशेष दिक्कत नहीं आई।

    वहीं ज्योतिर्मठ-नीति मलारी हाईवे लाता के पास तीन दिनों से बंद पड़ा है। हालांकि हाईवे खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। शनिवार पीपलकोटी भनेरपानी में हाईवे सुबह साढ़े आठ बजे, नंदप्रयाग के पास आठ बजे, पागलनाला में 10:30 बजे और अणिमठ में 11:30 बजे यातायात के लिए सुचारु हो पाया।

    चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह भूस्खलन के कारण बाधित हो रहा है, जिससे यात्रियों और प्रशासन के लिए यह एक चुनौती बना हुआ है। मौके पर पर्याप्त संख्या में जेसीबी और मजदूर तैनात किए गए हैं। ज्योतिर्मठ नीति मलारी हाईवे लाता के पास भी तीन दिनों से यातायात के लिए सुचारु नहीं हो पाया है। हाईवे पर बड़े-बड़े बोल्डर और रात की बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा आने से हाईवे खोलने में कठिनाई हो रही है।

    शनिवार को एक बार फिर ज्योतिर्मठ-नीति मलारी हाईवे जुवाग्वाड़ के पास भारी भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण बाधित हो गया।

    नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य आयुषी बुटोला के साथ तहसील प्रशासन की टीम लाता के पास अवरुद्ध हाईवे को खोलने के कार्य में जुटे कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलने गई थी, लेकिन सुबह लगभग 10 बजे अचानक जुवाग्वाड़ के पास पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे तहसील कर्मचारी मौके पर नहीं जा सके। जिले में वर्षा के चलते अभी भी 55 ग्रामीण लिंक मार्ग बंद पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को मीलों पैदल चलने को विवश होना पड़ रहा है।