चमोली के नंदानगर में भूधंसाव से 16 घर खतरे में, परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किया शिफ्ट
चमोली जिले के नंदानगर में जमीन धंसने से कई घर खतरे में आ गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की है जहाँ उनके रहने और भोजन का प्रबंध किया गया है। उप जिलाधिकारी ने क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र पर निगरानी रखने के निर्देश दिए।

संवाद सहयोगी, जागरण गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर शनिवार को तहसील प्रशासन की टीम ने उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व नंदानगर के कुंतरी लग्गा फाली के आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावितों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
चमोली जिले के नंदानगर के कुंतरी लग्गा फाली मोहल्ले में शुक्रवार को अचानक जमीन पर दरारें दिखाई देने लगी। जिससे क्षेत्र में हो रहे भूधसाव से यहां एक भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त, तीन गौशाला पूर्ण क्षतिग्रस्त और 16 आवासीय भवन खतरे की जद में आए हैं। जिनमें निवासरत व्यक्तियों को सुरक्षा की दृष्टि से राहत शिविर में रखा गया है।
इसके लिए प्रशासन द्वारा दो राहत शिविर बनाए गए हैं, जिसमें एक बारात घर भेंटी रोड जिसमें 34 व्यक्तियों को ठहराया गया हैं, दूसरा बारात घर बंगाली रोड जिसमें 30 प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। इस प्रकार कुल 64 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। शनिवार को उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए डीडीआरएफ, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस की मदद से यहां निवास करने वाले लोगों को राहत शिविर में आवास और भोजन की व्यवस्था कराई गई है। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। वहीं उन्होंने तहसील और पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों को क्षेत्र की निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख हेमा नेगी, निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह, तहसीलदार दीप्ति शिखा, नायब तहसीलदार राकेश देवली, एसआई मनोज भट्ट, राजस्व निरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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