Chardham Yatra: बदरीनाथ हाईवे छह घंटे आवाजाही बंद, 300 से ज्यादा वाहनों की लगी रही लाइन
चमोली जनपद में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कमेड़ा गलनाऊं और उमट्टा पुलिया के समीप राजमार्ग पर मलबा आने से यातायात बाधित रहा। गलनाऊं पुलिया के समीप पहाड़ी का मलबा गिरने से खतरा बढ़ गया है। ग्वालदम राजमार्ग पर भी भूस्खलन से पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिलासू तहसील में भूस्खलन से कई मवेशी दब गए।

संवाद सहयोगी, जागरण कर्णप्रयाग। चमोली जनपद की प्रवेश सीमा कमेड़ा में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन का दायरा बढ़ने के साथ अब गलनाऊं पुलिया के समीप राजमार्ग का भूस्खलन एनएच की कड़ी परीक्षा ले रहा है।
वहीं उमट्टा पुलिया के समीप भी रूक-रूक कर पानी के साथ आ रहा मलबा आवाजाही में व्यवधान डाले है। शनिवार रातभर हुई बारिश के चलते राजमार्ग कमेड़ा, गलनाऊं और उमट्टा पुलिया के समीप मलबा और पत्थरों के आने से अवरूद्ध रहा।
गलनाऊं पुलिया के समीप पहाड़ी के मलबे और राजमार्ग की दीवार खतरे की जद में है जिससे वाहनों का आवागमन सुरक्षित नही है इसी तरह कमेड़ा भूस्खलन का दायरा बढ़ जाने से एनएच के पसीने छूटे है। यहां राजमार्ग पर मिट्टी और पत्थर दलदल बना रहे है जबकि समीप गधेरे का रूख राजमार्ग को नुकसान पहुंचा रहा है।
स्थानीय ग्रामीण राकेश चंद्र ने कहा एनएच दो साल में करोड़ों की राशि राजमार्ग दुरूस्त करने की लेकर व्यय कर चुका है जबकि अब पहले से अधिक खतरा गौचर और कर्णप्रयाग के बीच बना है रविवार दोपहर मशक्कत के बाद प्रशासन की देखरेख में राजमार्ग खुला इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
सुबह से नियमित वाहन सेवा से देहरादून, श्रीनगर, ऋषिकेश जाने और चमोली की ओर आने वाले लोगों को घंटों भूस्खलित क्षेत्र में इंतजार करना पडा। बारह बजे मलबा हटने के बाद यातायात बहाल हुआ लेकिन दोपहर बाद मलबा और पत्थरों के आने का क्रम जारी रहने से आवाजाही प्रभावित रही।
ग्वालदम राजमार्ग पर पहाड़ी से गिरा मलबा ओर पेड़
कर्णप्रयाग: नगर क्षेत्र कर्णप्रयाग से लगे ग्वालदम राजमार्ग पर प्रयाग लॉज के समीप पहाड़ी का भूस्खलन सक्रिय होने से गिर रहे पेड ऊर्जा निगम और बसासत परिवारों के लिए खतरे का सबब बने है। शनिवार रात बारह बजे से नगर की बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे मुख्य बाजार और इससे लगे हिस्से के दो हजार से अधिक उपभोक्ता परेशान है।
राजमार्ग पर सप्ताहभर में दूसरी बार बोल्डर और पेडो के गिरने से बिजली लाइन को नुकसान पहुंचा है जबकि वाहन पार्किंग में खडे पिकअप वाहन भी इसकी जद में आ गया और समीप के होटल और दुकानों में मलबा घुस गया। वाहन स्वामी विनोद डिमरी ने कहा पार्किंग में खडे उनके वाहन पर पहाडी से गिरे पेड से बिजली का पोल गिर गया।
इसी तरह कर्णप्रयाग-ग्वालदम राजमार्ग पर सिमली के समीप आटागाड गधेरे में एक वाहन गधेरे से आए मलबे के उफान में फंस गया। शनिवार रात बारिश के चलते सिमली की ओर आ रहे वाहन का शीशा खोल उसमें सवार चालक समय पर सुरक्षित निकल गया रविवार एनएच मशीन से फंसे वाहन को निकाला गया।
जिलासू तहसील के भणज तोक में भूस्खलन से बीस मवेशी मलबे में दबे
कर्णप्रयाग: पोखरी विकासखंड के गिरसा गांव के हणज तोक में भूस्खलन गौशाला और आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में शनिवार रात तेज बारिश से हणज तोक में भूस्खलन होने से ग्रामीण भयभीत रहे और रतजगा कर बारिश के थमने का इंतजार किया।
आसमानी आफत में यहां तीन गोशाला, तीन शौचालय टूटे तो कुछ आवासीय भवनों को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया गौशालाओं में बंधी 17 बकरियां और तीन गौवंश दब गए। थाना प्रभारी राकेश चंद्र भट्ट और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया।
थाना प्रभारी ने बताया प्रशासन और पुलिस की टीम द्वारा गिरसा के तोक भणज में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का निरीक्षण किया है। जिसमें मनीष पुत्र चेतन लाल वह दिनेश पुत्र चेतन के 17 बकरियां वह एक बछिया गौशाला क्षतिग्रस्त होने के कारण नीचे दब गए हैं।
वह बलवीर पुत्र कमलू लाल का गौशाला भी क्षतिग्रस्त होने के कारण एक गाय का कूल्हे का हिस्सा दबा है, जिसे निकालने की कोशिश पुलिस प्रशासन व ग्रामीणों द्वारा साथ मिलकर की गई और मलबे से बाहर निकाला गया। इसके अलावा अन्य लोगों के भवन आदि क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ग्रामीण बलवीर लाल, सोहन लाल, मोहन लाल, दिनेश लाल ने बताया उनकी चार बकिरयां और बछिया मलबे में दब गई।
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