बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना: 60 सदस्यीय दल ने रातभर जंगल में रास्ता बनाकर शवों को निकाला, ऐसी है रेस्क्यू की दास्तान
बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच पांडुकेश्वर की पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर से पायलट और पांच यात्रियों के शवों को रेस्क्यू किया गया।
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संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम से देहरादून जा रहे ट्रांस भारत एविएशन के बदरीनाथ व जोशीमठ के बीच पांडुकेश्वर की पहाडियों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकाप्टर में जान गंवाने वाले दिल्ली के पायलेट सहित कर्नाटक के पांच यात्रियों के शवों को घटना स्थल से चांई गांव तक लाने के लिए रेस्क्यू टीम रातभर जंगलों की खाक छानती रही इस दौरान वीरान जंगल के रास्ते से चांई तक शवों को तड़के चार बजे पहुंचाया गया।
इस दौरान सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग ,पुलिस सहित तहसील प्रशासन की टीम सहित 60 से अधिक रेस्क्यू टीम रातभर जंगलों से रास्ता बनाकर आगे बढ़ते रहे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को एक बजकर 12 मिनट पर कर्नाटक के पांच यात्रियों को लेकर बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ यह हेलीकॉप्टर वर्षा, बर्फबारी के दौरान पाडुंकेश्वर के स्वारी खर्क की पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस दौरान हेलीकाप्टर गोते खाकर जल गया था हेलीकाप्टर में सवार पांच यात्रियों सहित पायलेट का शव क्षत विक्षत स्थिति में थे। रेस्क्यू करने के लिए टीमें शनिवार को एक बजे किसी तरह पांडुकेश्वर के रास्ते जंगल में रस्सी के सहारे व रास्ता बनाकर मौके पर पहुंची थी। क्योंकि पांडुकेश्वर के रास्ते शवों का रेस्कयू किया जाना खतरनाक था।
लिहाजा रेस्क्यू टीमों ने जंगल के रास्ते चांई गांव लाने का फैसला किया हालांकि एक शव को लेकर रेस्क्यू टीम देर सांय को चांई गांव पहुंच गई थी लेकिन पांच शवों को लाने के लिए अंधेरे रास्ते में रेस्क्यू टीमों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
रात्रिभर किसी तरह रस्सी के सहारे पहाडियों से उतरकर व पगडंडियों को बनाकर रेस्क्यू टीम तड़के चार बजे चांई गांव पहुंची। शवों के पहुंचने के बाद टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ लाया गया जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शवों को एनटीपीसी के हेलीपेड से ऋषिकेश एम्स भेजा गया।
बताया गया कि शव क्षत विक्षत थे तथा उन्हें पॉलथीन में बांधकर सुरक्षित रखा गया था। ऋषिकेश में ही इन शवों की शिनाख्त सहित पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोरी जोशी ने कहा कि शवों को लाने के लिए रात्रिभर रेस्क्यू टीमों को जंगल में रास्ता बनाकर चलना पड़ा कहा कि तड़के चार बजे शव चांई गांव पहुंच गए थे।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सभी शवों को रेस्क्यू कर ऋषिकेश भेज दिया गया है। कहा कि मामले में हेलीकाप्टर दुर्घटना को लेकर यूकाडा जांच कर रही है।
कहा कि घटनास्थल से चांई तक पहाड़ी व जंगलों को पार कर रात्रिभर रेस्क्यू टीमों ने साहस का कार्य कर तड़के शव चांई गांव पहुंचाए हैं शवों को हेलीकाप्टर से ऋषिकेश एम्स भेजा गया है।
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