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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

द्वारिकाछीना के पास पहाड़ी दरकने का सिलसिला तेज, गिरेछीना मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद

By JagranEdited By:
Published: Sun, 17 Nov 2019 11:42 PM (IST)Updated: Mon, 18 Nov 2019 06:15 AM (IST)

बागेश्वर के द्वारिकाछीना में लगातार पहाड़ी के दरकने से रविवार को भी गिरेछीना-सोमेश्वर मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद रहा। ...और पढ़ें

द्वारिकाछीना के पास पहाड़ी दरकने का सिलसिला तेज, गिरेछीना मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद
द्वारिकाछीना के पास पहाड़ी दरकने का सिलसिला तेज, गिरेछीना मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद

जागरण संवाददाता, बागेश्वर: गिरेछीना-सोमेश्वर मोटर मार्ग रविवार को भी बंद रहा। पहाड़ी दरकने का सिलसिला इसबीच तेज हो गया है। खड़िया मिट्टी से लथपथ मलबा गिरने से गोमती नदी के अस्तित्व पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सड़क नहीं खुलने से बीस हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हो गई है।

पिछले दो माह से गिरेछीना-सोमेश्वर मोटर मार्ग में द्वारिकाछीना के समीप लगातार पहाड़ी दरक रही है। जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। शीशाखानी, छानापानी, लेटी, जौलकांडे, बमडाना, डोबा, चौहाना, क्वैराली, चामी, गड़यिा, अमसरकोट समेत दर्जनों गांवों की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रविवार की सुबह से फिर पहाड़ी दरक रही है और खड़िया मिट्टी के मलबे से सड़क लथपथ हो गई है और मलबा गोमती नदी की तरफ भी बढ़ रहा है। जिससे नदी के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो गया है। गत शुक्रवार से पुन: पहाड़ी दरकने लगी और सड़क को खोलने के लिए लोनिवि ने पोकलैंड का इस्तेमाल किया, लेकिन कुछ क्षणों के लिए छोटे वाहनों के लिए यातायात खुला, लेकिन फिर बंद हो गया है। जिससे वाहनों की दोनों तरफ लंबी कतार लग गई है। स्थानीय निवासी हरीश सिंह, पूर्व प्रधान चामी महीप पांडे, खड़क सिंह टंगड़िया, कुंदन परिहार, गोविद टंगड़िया, पार्वती देवी, भगवती देवी, चंपा देवी आदि ने कहा कि सड़क नहीं खुलने से उनके सामने संकट पैदा हो गया है। इधर लोनिवि के ईई यूसी पंत ने कहा कि पोकलैंड लगाई गई है और वैकल्पिक सड़क बनाने पर भी विभाग मंथन कर रहा है।