जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : एक ओर सरकार प्रत्येक बच्चे को शिक्षा देने के लिए तमाम योजनाओं का संचालन कर रही है। वहीं संसाधनों के अभाव में नौनिहालों का भविष्य खतरे में लिखा जा रहा है। लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी शिक्षा विभाग के आला अधिकारी कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं जिले के तल्ला सल्ट स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय खटोली की। इस प्राथमिक विद्यालय में 36 छात्र छात्राएं शिक्षा प्राप्त करते हैं। बच्चों को शिक्षा देने के लिए विभाग ने यहां दो शिक्षकों को तैनात किया है। बच्चों के अध्ययन कार्य के लिए यहां दो कक्षा कक्ष बनाए गए थे। जो पिछले कई सालों से जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं। कक्षा कक्षों की छत्त कुछ समय पहले बुरी तरह टूट चुकी है। जबकि खंडहर में तब्दील हो चुकी कक्षाएं कभी भी नीचे गिर सकती हैं। अभिभावकों ने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय के भवन निर्माण की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने भवन निर्माण के लिए कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। वर्तमान में स्कूल में अध्ययन कर रहे छात्र छात्राएं इन्हीं टूटे कक्षा कक्षों में अपने भविष्य का ताना बाना बुन रहे हैं। लेकिन कभी भी हो सकने वाले हादसे के प्रति अधिकारी जरा भी गंभीर नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश होने पर अक्सर कक्षाओं में पानी भर जाता है। जिस कारण स्कूली बच्चों का शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है। लेकिन इन सबकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मजबूरी में छात्र छात्राएं खंडहर में तब्दील हो चुके भवन में अपना शिक्षण कार्य करने को मजबूर हैं।

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स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। अगर भवन क्षतिग्रस्त है तो उसका निर्माण सर्वशिक्षा अभियान के तहत कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली जाएगी।

- राय साहब यादव, बीईओ प्रारंभिक शिक्षा, अल्मोड़ा

Edited By: Jagran