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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lakshya Sen Arjuna Award: लक्ष्य ने दादा को समर्पित किया अर्जुन अवार्ड, छोटी सी उम्र में थमा दिया था बैडमिंटन

By Jagran NewsEdited By: Rajesh Verma
Published: Wed, 30 Nov 2022 06:38 PM (IST)

Lakshya Sen Arjuna Award छह वर्ष की उम्र में मैदान पर उतर बैडमिंटन पकड़ने वाले लक्ष्य ने पूरी दुनिया में ...और पढ़ें

शटलर लक्ष्य सेन को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया है।
शटलर लक्ष्य सेन को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया है।

अल्मोड़ा, जागरण संवाददाता : Lakshya Sen Arjuna Award: शटलर लक्ष्य सेन को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया है। यह अवार्ड मिलने से लक्ष्य के गृहक्षेत्र अल्मोड़ा के क्षेत्रवासियों में हर्ष व्याप्त है। खेलप्रेमियों ने कहा कि लक्ष्य को अर्जुन अवार्ड मिलने से नवोदित खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। लक्ष्य ने अपना यह अवार्ड कच्ची उम्र में बैडमिंटन हाथ में थमाने वाले दादा सीएल सेन को समर्पित किया है। सीएम धामी ने भी लक्ष्य को इस उपलब्धि पर ट्विटर पर बधाई दी है।

दादा भी थे बेहतरीन शटलर

16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा में जन्मे शटलर लक्ष्य सेन मूलरूप से जिले के सोमेश्वर के ग्राम रस्यारा निवासी हैं। 80 वर्षों से अधिक समय से उनका परिवार अल्मोड़ा के तिलकपुर मोहल्ले में रहता हैं। उनके दादाजी सीएल सेन जिला परिसर में नौकरी करते थे। दादा ने सर्विसेस में राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। वहीं कई खिताब अपने नाम किए। जबकि पिता डीके सेन भी वर्तमान में कोच हैं।

छह साल की उम्र से खेलने लगे थे बैडमिंटन

छह वर्ष की उम्र में मैदान पर उतर बैडमिंटन पकड़ने वाले लक्ष्य सेन को उनके दादा सीएल सेन ने ही बैडमिंटन की एबीसीडी से रूबरू कराया था। इसके बाद पिता की शागिर्दिगी में पूरी दुनिया में लक्ष्य ने जो नाम कमाया, उसे बताने की जरूरत नहीं। यह लक्ष्य की कामयाबी ही है कि आज देश के अर्जुन बन गए हैं। लक्ष्य ने जिला, राज्य के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक अपने नाम किए। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पैठ जमाई। बुधवार को लक्ष्य को जब राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड दिया तो लक्ष्य ने इसे बैडमिंटन हाथ में थमाने वाले दादा को समर्पित कर दिया।

खेल प्रेमियों में खुशी

लक्ष्य की इस उपलब्धि पर उतरांचल बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष डा. अलकनंदा अशोक, सचिव बीएस मनकोटी, जिलाध्यक्ष प्रशांत जोशी, सचिव संतोष बिष्ट, गोकुल मेहता, जगमोहन फर्त्याल, सुरेश कर्नाटक, प्रतीक मेहरा, विजय प्रताप सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी अरुण बंग्याल आदि समेत खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है।

लक्ष्य की अब तक की उपलब्धियां

  • लक्ष्य ने लिनिंग सिंगापुर यूथ इंटरनेशनल सीरीज में स्वर्ण
  • इजरायल जूनियर इंटरनेशनल के डबल और सिंगल में स्वर्ण
  • इंडिया इंटरनेशनल सीरीज के सीनियर वर्ग में स्वर्ण
  • योनेक्स जर्मन जूनियर इंटरनेशनल में रजत
  • डच जूनियर में कांस्य पदक
  • यूरेशिया बुल्गारियन ओपन में स्वर्ण पदक
  • एशिया जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
  • यूथ ओलंपिक में रजत पदक
  • राष्ट्रमंडल खेल एकल स्पर्धा 2022 में स्वर्ण पदक
  • राष्ट्रमंडल खेल टीम स्पर्धा 2022 में रजत पदक
  • विश्व चैंपियनशिप 2021 में कांस्य पदक
  • एशिया टीम चैंपियनशिप 2021 में कांस्य पदक समेत कई राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पदक दिलाया है।