अल्मोड़ा में आफत की बारिश- अब तक सुरक्षित रानीखेत-अल्मोड़ा हाईवे पर संकट, भूस्खलन से धंसा
अल्मोड़ा में भारी बारिश से रानीखेत-अल्मोड़ा हाईवे पर संकट आ गया है। मजखाली और नैनी के बीच भूस्खलन से हाईवे का आधा हिस्सा ढह गया है जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। घिंघारीखाल में एक विशालकाय चीड़ का पेड़ गिरने से भी मार्ग बाधित हुआ। लगातार बारिश से सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
जागरण संवाददाता, रानीखेत। भादौ में आसमान से अब आफत बरसने लगी है। 2010 जैसी भीषण विभीषिका में लाइफ लाइन साबित हुआ रानीखेत अल्मोड़ा हाईवे लगातार वर्षा से संकट में आ गया है।
मजखाली व नैनी के बीच भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग का आधा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। वर्षा का सिलसिला यूं ही चलता रहा तो भूस्खलन और बढ़ सकता है। हाईवे पर दरार चौड़ी होने से एनएच के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, घिंघारीखाल में चीड़ का विशालकाय वृक्ष धराशायी हो गया। इससे कुछ देर आवाजाही प्रभावित रही।
पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यरात्रि बाद से लगातार वर्षा है। शुक्रवार की प्रात: रानीखेत अल्मोड़ा हाईवे पर मजखाली क्षेत्र में भूधंसाव हो गया। निचले भूभाग पर भूस्खलन से हाईवे की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने से राष्ट्रीय राजमार्ग का आधा हिस्सा धंस गया।
वर्षाजल रिसने से सड़क का बचाखुचा हिस्सा भी ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गया है। वहीं खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे पर अतिसंवेदनशील कनवाड़ी व उपराड़ी की पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। पखवाड़ा पूर्व इन दोनों पहाड़ियाें से भूस्खलन हो गया था। नौ घंटा राज्यमार्ग बाधित रहा था। इधर अनवरत वर्षा से प्रभावित पहाड़ियों के दरकने का जोखिम बना हुआ है।
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