वाराणसी, जेएनएन। कोरोना संक्रमण काल की शुरुआत के बाद से ही काशी के विभिन्‍न मंदिरों में श्रद्धालुओं का दर्शन पूजन प्रतिबंधित कर दिया गया था। अब कोरोना संक्रमण काल में सुरक्षा उपायों के साथ अनलॉक की शुरुआत के साथ ही मंदिरों और मठों के खुलने का दौर शुरु हो चुका है। इसी कड़ी में दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर शुक्रवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। सुबह छह बजे आरती के साथ मंदिर के पट खोल दिए गए।

मंदिर के पट खुलने के साथ ही परिसर मां के जयकारे से गूंज उठा। इस दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से आवश्‍यक सतर्कता बरती गई। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। दोपहर बारह बजे मंदिर के कपाट बंद हुए जो फिर दो बजे दोबारा आस्‍थावानों के लिए खोला जाएगा। गुरुवार को सांयकाल मंदिर प्रबंधन की बैठक में 188 दिन बाद मंदिर खोलने का निर्णय लिया गया था।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार सुबह छह से बारह और तत्पश्चात दोपहर दो बजे से रात्रि नौ बजे तक मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित कोविड-19 के समस्त प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा। बिना मास्क किसी को भी प्रवेश की इजाजत नहीं होगी साथ ही किसी भी प्रकार के प्रसाद - माला फूल चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं दुर्गाकुंड स्थित दुर्ग विनायक गणेश मंदिर भी खुल गया। वहां भी सभी दर्शनार्थियों को नियम के तहत ही प्रवेश दिया गया।

कोरोना संक्रमण काल में मंदिर में दर्शन पूजन भले ही प्रतिबंधित रहा हो लेकिन मंदिर प्रबंधन की ओर से मंदिर में नियमित पूजन और आरती की जाती रही है। जबकि आस्‍थावान मंदिर के गेट पर ही दर्शन पूजन करने के बाद लौट जाते थे। अब मंदिर के कपाट खुलने के बाद आस्‍था की कतार मंदिर में सुरक्षा उपायों के साथ नजर आने लगी है।

Edited By: Abhishek Sharma