Varanasi News मार्गशीर्ष (अगहन) कृष्ण पक्ष की अष्टमी तद्नुसार मंगलवार को देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में उनके अंश भैरव बाबा का प्राकट्योत्सव मनाया गया। सुबह से रात तक गीत-भजन गूंजे तो जयघोष से कालभैरव बटुक भैरव कपाल भैरव के साथ अष्ट भैरव मंदिर गूंजते रहे। पूजन-अर्चन उत्सव-आयोजन में शास्त्रीय विधि-विधान का पूरा ख्याल तो अल्हड़ भक्तों ने केक भी काटे।
By Shailesh AsthanaEdited By: Abhishek PandeyUpdated: Wed, 06 Dec 2023 10:06 AM (IST)
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मार्गशीर्ष (अगहन) कृष्ण पक्ष की अष्टमी तद्नुसार मंगलवार को देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में उनके अंश भैरव बाबा का प्राकट्योत्सव मनाया गया। सुबह से रात तक गीत-भजन गूंजे तो जयघोष से कालभैरव, बटुक भैरव, कपाल भैरव के साथ अष्ट भैरव मंदिर गूंजते रहे। पूजन-अर्चन, उत्सव-आयोजन में शास्त्रीय विधि-विधान का पूरा ख्याल तो अल्हड़ भक्तों ने केक भी काटे।
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बाबा कालभैरव मंदिर में 51 किलो तो बाहर श्रद्धालुओं ने उनके नाम 1051 किलो का केक काटा। वर्ष 2023 की थीम फाइव ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था की प्रतीक्षा और प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी थीम पर इसे देशी घी की मिठाई व फल-मेवा से तैयार किया। साथ ही 1.66 लाख घन इंच और 28000 वर्ग इंच आकार में तैयार किया गया। इसे अब तक का सबसे विशाल केक होने का दावा किया गया। इसके अलावा जयघोष के बीच श्रद्धालु झूमे और इसे प्रसाद रूप में वितरित किया।
आयोजन समिति के प्रिंस गुप्ता, पंकज चतुर्वेदी, संतोष दूबे, नवीन गिरी, सोनू, सुमित उपाध्याय आदि थे। दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही काफी भीड़ लगी रही। रात में प्राकृतिक रूप में आरती की गई। बटुक भैरव का हुआ अद्भुत शृंगार, लगे 56 भोग कमच्छा स्थित मंदिर में बाबा बटुक की प्रात: पांच बजे मंगला आरती की गई। 11 बटुकों ने रुद्राभिषेक किया और दर्शनार्थियों के लिए पट खोल दिए गए।
विशेष स्नान के बाद बाबा का विशेष शृंगार किया गया। दोपहर में अखंड भंडारा तो शाम को रुद्राक्ष झांकी सजा कर 56 भोग लगाया गया। रात में महाआरती की गई। बाल रूप में लाट भैरव,सजा अन्नकूट शृंगार काशी के न्यायाधीश बाबा श्रीलाट भैरव का अन्नकूट शृंगार किया गया। ब्रह्म मुहूर्त में वेद मंत्रों के बीच पंचामृत स्नान करा कर बाल रूप रजत मुखौटा धारण कराया गया। नवीन वस्त्राभूषण, मुंडमाला आदि से अलंकृत कर झांकी सजाई गई। भगवान गणेश, हनुमानजी, अष्ट भैरव, माता काली, वाहन श्वान का भी शृंगार किया गया।
आंध्र प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने किए बाबा के दर्शन लाट भैरव मंदिर में दर्शन के लिए आंध्र प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री रोजा सेल्वमनी भी सपरिवार पहुंचीं। यात्रा कर रहें लोगों से उन्होंने अपना अनुभव साझा किया। बताया कि वे चौथी बार बाबा के दर्शन के लिए आई हैं। अष्ट भैरव की प्रदक्षिणा गूंजती रही जयकार बाबा के मंत्रिमंडल में शामिल नगर के आठों दिशाओं के रक्षकों भैरव स्वरूपों का सोल्लास विधिवत पूजन-अर्चन हुआ।
श्रीलाट भैरव काशी यात्रा मंडल ने भैरव प्रदक्षिणा की तो बाबा की भव्य झांकी भी निकाली। श्रीलाट भैरव काशी यात्रा मंडल के तत्वावधान में कज्जाकपुरा स्थित लाट भैरव मंदिर से यात्रा शुरू हुई। श्रीकपाल मोचन कुंड के जल से जलमार्जन कर बाबा के सम्मुख संकल्प लेकर यात्रियों ने भैरवाष्टकम का पाठ कर लोग आगे बढ़े। काशी के चार कोण व चार दिशाओं के रक्षक अष्ट प्रधान भैरव के दर्शन किए।
महामृत्युंजय स्थित असितांग भैरव, दुर्गाकुंड में चंड भैरव, हरिश्चंद्र घाट पर रुरु भैरव, कामाख्या देवी कमच्छा में क्रोधन भैरव, बटुक भैरव स्थित उन्मत्त भैरव, कज्जाकपुरा में कपाल भैरव, भूत भैरव, नखास में भीषण भैरव, गायघाट में संहार भैरव का दर्शन कर यात्रा पूर्ण किया।
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