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वाराणसी में शक्तिस्वरूपा कन्याओं का पूजन, मुस्लिम समुदाय ने भी दिया भाईचारे का संदेश

Published: Mon, 19 Oct 2026 11:28 PM (IST)

शारदीय नवरात्र की महानवमी पर वाराणसी में घरों से मंदिरों तक कन्या पूजन धूमधाम से किया गया। इस दौरान मुस्लिम ...और पढ़ें

रामपुरा के डायमंड भवन में भाईचारा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कन्या पूजन करते मुस्लिम समुदाय के लोग।

रामपुरा के डायमंड भवन में भाईचारा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कन्या पूजन करते मुस्लिम समुदाय के लोग।

HighLights

  1. वाराणसी में शारदीय नवरात्र की महानवमी पर कन्या पूजन।

  2. मुस्लिम समुदाय ने भी पूजन में भाग लेकर दिया संदेश।

  3. अनेक मठ-मंदिरों में नौ दिवसीय अनुष्ठानों की पूर्णाहुति हुई।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘या देवी सर्वभूतेषु, कन्या रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः....’ मंत्र का उच्चारण करते हुए ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता..’ का भाव मन में संजोए देवी भक्तों ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर घर-घर में कन्या पूजन किया। घरों से मंदिरों तक, सामाजिक संस्थाओं से विद्यालयों तक कन्या पूजन की धूम रही।

लोगों ने आदिशक्ति स्वरूपा कुमारियों का फल-फूल, मिष्ठान्न से पंचोपचार पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया, भोजन कराया औैर दक्षिणा दी व उपहार भेंट किए। भाईचारा समिति के लोगों ने रामापुरा स्थित डायमंड भवन में 108 कन्याओं का देवी रूप में पूजन कर वैश्विक शांति व सबके कल्याण की कामना की।

इस आयोजन में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी भाग लेकर काशी की गंगा-जमुनी संस्कृति को सुदृढ़ किया। देवी स्वरूप कन्याओं को रोली अक्षत लगाकर उनकी आरती उतारी, फलाहार कराया कराया। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने बताया कि समिति विगत 17 वर्ष से त्योहारों को मिल-जुल कर मनाने की परंपरा का निर्वहन कर रही है।

रवींद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम आश्रम क्रीं-कुंड में नौ कन्याओं का देवी स्वरूप में श्रृंगार कर लाल चुनरी पहनाई गई, एक बालक का भैरव श्रृंगार हुआ। इसके पश्चात आश्रम के पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के आचार्यत्व में अनेक भक्तों ने कन्याओं के चरण पखार, पंचोपचार पूजन कर विविध नैवेद्यों, व्यंजनों व फलों का भोग अर्पित किया और दक्षिणा प्रदान की।

आचार्य श्रीप्रकाश सहित उपस्थित सैकड़ों भक्तों द्वारा 'जय मां सर्वेश्वरी' और 'हर-हर महादेव' का उद्घोष लगातार होता रहा। कन्या पूजन के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम स्थित मंदिर चौक में आयोजित अनुष्ठान में दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने यजमान के रूप में पूर्णाहुति हवन में आहुति दी। इसके बाद विधि-विधान से कन्या पूजन किया। मां विशालाक्षी के निमित्त श्रृंगार सामग्री बाबा विश्वेश्वर को अवलोकित करा कर मां के धाम प्रेषित की गई।

इसी क्रम में मां अन्नपूर्णा धाम मंदिर में महंत शंकर पुरी महाराज के नेतृत्व में 101 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन-आरती की गई। उन्हें भोग प्रसाद के रूप में विविध नैवेद्य अर्पित किए गए। सात वैदिक ब्राह्मणों ने हवन कराया। हवन के पश्चात माता का सुगंधित माला-फूलों से भव्य श्रृंगार कर महा-आरती की। पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।

आज भी होंगे पूर्णाहुति के हवन-पूजन

इसके साथ ही मठों-मंदिरों में चल रहे नौ दिवसीय अनुष्ठान हवन-यज्ञ के साथ पूर्ण कर लिए गए। नौ दिवसीय व्रत रख घरों में अनुष्ठान कर रहे लोग मंगलवार की सुबह 9:37 बजे तक पूर्णाहुति हवन कर अपना अनुष्ठान पूर्ण करेंगे, इसके बार व्रत का पारण करेंगे। शुद्ध दशमी में व्रत पारण की परंपरा का पालन करने वाले श्रद्धालु बुधवार की सुबह पारण कर अपना व्रत तोड़ेंगे।

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