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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Varanasi Weather: बादल की जगह ले रही तीखी धूप, उमस भरी गर्मी बिगाड़ रही रूप

Published: Sun, 20 Jul 2025 01:20 PM (IST)

वाराणसी में मानसून की सुस्ती के बाद तेज धूप ने उमस भरी गर्मी बढ़ा दी है जिससे लोग बेहाल हैं। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. उमस भरी गर्मी से वाराणसी के लोग बेहाल |
  2. तीन दिनों में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस बढ़ा |
  3. अगले सप्ताह बारिश की संभावना |

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मानसूनी सक्रियता के थम जाने के कारण आसमान में बादल विरल हो चले हैं। पूरे दिन हो रही तीखी धूप के चलते उमस भरी गर्मी अब रूप बिगाड़ने लगी है। चिपचिपी व पसीने भरी गर्मी ने सबको बेहाल कर दिया है। तापमान में निरंतर वृद्धि होने लगी है।

तीन दिनों में ही तापमान लगभग आठ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अब ऐसा ही मौसम चार-पांच दिनों तक रह सकता है। हां, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी-कभी कहीं-कहीं स्थानीय कारकों की वजह से गरज चमक के साथ हल्की या मध्यम वर्षा हो सकती है।

शनिवार को भी सुबह से हुई पूरे दिन तीखी धूप ने लोगों को तिलमिला कर रख दिया। उमस भरी गर्मी से सभी बेहाल रहे। धूप में निकलने पर पसीने से तर-बतर हो जाते रहे। हालांकि दोपहर के समय बादलों की आवाजाही ने तापमान में हल्की सी कमी ला दी।

24 घंटे में अधिकतम तापमान 0.3 डिग्री कम होकर सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक 36 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्र्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नयूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ा और सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक 27 डिग्री सेल्सियस पर रहा। इस बीच शहरी क्षेत्र में आर्द्रता 87 से 64 प्रतिशत तो बाबपतुर क्षेत्र में 76 से 58 प्रतिशत के बीच रहा।

बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अच्छी वर्षा की संभावना तो अगले सप्ताह के मध्य से ही की जा सकती है। हालांकि असम की ओर एक निम्न वायुदाब का क्षेत्र बना हुआ है जिसके इस ओर बढ़ने की संभावना है, अब यह कितना प्रभाव डाल पाएगा, यह रविवार की दोपहर तक उसकी गति और सांद्रता देखकर ही कहा जा सकता है।