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    जल पर्यटन से एक डोर में बंधेगी शिव-शक्ति की नगरी वाराणसी, जलयान से विंध्य धाम को भी मिलेगा लाभ

    By Saurabh ChakravartyEdited By:
    Updated: Sat, 17 Jul 2021 11:55 AM (IST)

    Water Tourism देश में पर्यटन विस्तार के अभियान को वाटर टूरिज्म आधार देगा। पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से इसकी शुरुआत हो चुकी है। खास यह कि रो पैक्स मां विंध्यवासिनी धाम यानी मीरजापुर तक जाएंगे। सावन में पूरी तैयारी के साथ संचालन शुरू किया जाएगा।

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    देश में पर्यटन विस्तार के अभियान को वाटर टूरिज्म आधार देगा।

    वाराणसी, जेपी पांडेय। देश में पर्यटन विस्तार के अभियान को वाटर टूरिज्म आधार देगा। पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से इसकी शुरुआत हो चुकी है। पहले से एक जलयान का संचालन हो रहा था तो अब पीएम के हाथों लोकार्पण के बाद गंगा में जल्द दो रो पैक्स के साथ ही एक और जलयान गंगा घाटों की छटा दिखाएगा। खास यह कि रो पैक्स मां विंध्यवासिनी धाम यानी मीरजापुर तक जाएंगे। बनारस के आकर्षण से भले ही देश-दुनिया के पर्यटक परिचित हैैं लेकिन जलमार्ग से जुड़ जाने पर वे विंध्य क्षेत्र के पर्वत, झीलों, प्राचीन किलों के साथ अद्भुत प्राकृतिक नजारों की अपार संपदा से भी रूबरू हो सकेंगे।

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    200 यात्री क्षमता वाले रो पैक्स को पहले चरण में पार्टी या ग्रुप के लिए बुक किया जा सकेगा। इसमें किचेन के साथ सांस्कृतिक आयोजन तक के लिए स्थान है। इसे अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराया गया है। माना जा रहा इसके संचालन से अब तक कम फोकस में रहा चुनार क्षेत्र भी पर्यटन के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फलक पर निखर कर सामने आएगा।

    आध्यात्मिकता को आत्मसात करेंगे पर्यटक

    फिलहाल रो पैक्स गाजीपुर में कैथी से शूलटंकेश्वर तक चलाए जाएंगे। मगर बहुत जल्द इनका विस्तार चुनार और मीरजापुर तक करने की योजना है। अध्यात्म, धर्म और इतिहास को समेटे बनारस के 84 घाटों का नजारा लोगों को खूब रोमांचित करता है। अब इन्हें अत्याधुनिक जलयान में बैठकर देखा जा सकेगा। पर्यटकों को घाटों का धार्मिक-आध्यात्मिक इतिहास आडियो-वीडियो के जरिए बताया जाएगा।

    नाम है विवेकानंद, साममाणिक साव

    दोनों रो पैक्स भारतीय अंतरदेसीय जलमार्ग प्राधिकरण ने उपलब्ध कराया। एक का नाम विवेकानंद क्रूज और दूसरे का साममाणिक साव क्रूज है। इनमें 200 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है। वाशरूम और शौचालय की भी सुविधा है। इनकी कीमत 22 करोड़ रुपये है और रफ्तार 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा है।

    यह है सुरक्षा व्यवस्था :

    रो पैक्स में सुरक्षा के लिए 12 अग्निशमन यंत्र, 220 लाइफ जैकेट, 20 लाइफ राफ्ट बोट (आपात स्थिति में एक पर 10 लोग निकाले जा सकेंगे) होंगे। टिकट पैकेज में लंच और दो वक्त का नाश्ता होगा। टिकट का किराया जिला प्रशासन, पर्यटन और कंपनी मिलकर तय करेगी।

    सावन में पूरी तैयारी के साथ संचालन शुरू किया जाएगा

    रो पैक्स में कुछ काम बाकी हैैं। इन्हें पूरा होने में 10 दिन लगेंगे। सावन में पूरी तैयारी के साथ संचालन शुरू किया जाएगा ताकि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो। संत रविदास घाट को केंद्र मानकर एक रो पैैक्स मारकंडेय महादेव और दूसरा शूलटंकेश्वर मंदिर की तरफ भेजा जाएगा।

    -विकास मालवीय, निदेशक, अलकनंदा क्रूज लाइन