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    UPPCL: बिजली विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, प्रतिदिन 40 लोगों पर दर्ज की गई FIR; सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

    Updated: Wed, 05 Feb 2025 08:02 AM (IST)

    UP Electricity पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड क्षेत्र में बिजली चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिदिन लगभग 40 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज हो रही है। 2024 में 14242 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए। सबसे अधिक चोरी मऊ और मीरजापुर में पकड़ी गई। बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए प्रवर्तन दल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

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    पूर्वांचल में प्रतिदिन 40 लोगों पर बिजली चोरी का एफआइआर

    मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, वाराणसी। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने एवं बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार की ओर से तमाम कवायदें की जा रही हैं। बावजूद इसके विभागीय मिलीभगत के कारण बिजली चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्थिति यह है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 40 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की एफआइआर दर्ज हो रही है। 2024 में 14,242 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए।

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    बिजली की सबसे बड़ी चोरी मऊ व मीरजापुर में पकड़ी गई। वहीं सबसे अधिक अनियमितता वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़ में मिली। यही नहीं अगर बिजली चोरी पकड़ी भी जा रही है तो कुछ अधिकारी इस मामले के निस्तारण के बजाय अपना जुगाड़ भिड़ाने लग जा रहे हैं। यही कारण हैं कि पूर्वांचल में लगभग एक लाख मामले पेंडिंग हैं। ये उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    बिजली चोरी पर लगी लगाम

    वैसे पिछले वर्षों की तुलना की जाए तो प्रवर्तन दलों की सक्रियता से बिजली चोरी पर मामूली लगाम भी लगी है। पूर्वांचल डिस्काम से जुड़े 21 जिलों में प्रवर्तन दलों ने सबसे अधिक 2023 में 19 हजार से अधिक बिजली चोरी पकड़ी थी वहीं 2024 में घटकर लगभग 14 हजार मामले रह गए। पांच किलो वाट या इससे ऊपर की बिजली चोरी के सबसे अधिक 337 मामले पकड़े गए। मऊ में बिजली चोरी खुलेआम हो रही है। मऊ में इसका प्रतिशत 46.04 प्रतिशत है।

    पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया

    वर्ष 2024 में पूर्वांचल में 22,479 छापेमारी की गई। इसमें से 17.58 प्रतिशत ही उपभोक्ता सही पाए गए, जबकि अन्य के यहां अनियमितता पाई गई। रेड के सापेक्ष 63.36 प्रतिशत लोगों पर बिजली चोरी अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज कराई गई है। पूर्वांचल में लगभग एक लाख मामले पेंडिंग हैं, जिसका अभी निस्तारण होना बाकी है। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग के सहयोग से प्रवर्तन दलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।

    पूर्वांचल में वर्ष 2024 में बिजली चोरी की स्थिति :

    जनपद- 5 किवा-  एफआइआर

    वाराणसी -99-854

    चंदौली- 50 -711

    जौनपुर -52 -598

    गाजीपुर -119 -830

    भदोही -95 -763

    मीरजापुर -283 -824

    सोनभद्र -37 -704

    आजमगढ़ -91 -770

    मऊ -337 -732

    बलिया -130 -624

    वर्षवार बिजली चोरों पर एफआइआर

    वर्ष एफआइआर

    2020 -13,785

    2021 -14,080

    2022 -17,915

    2023 -19,748

    2024 -14,242

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