वाराणसी, जागरण संवाददाता। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यूपी नेडा सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को अनुदान भी दे रही है। बस शर्त यह है कि उपभोक्ताओं को यह प्लांट यूपी नेडा के अधिकृत वेंडर से लगवाना होगा। प्लांट की वास्तविक कीमत पहले उपभोक्ताओं को एकमुश्त अदा करनी होगी। इसके बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अनुदान की राशि उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जाएगी।

नेट मीटर के लिए उपभोक्ताओं को करना होगा आवेदन : प्लांट इंस्टाल होने के बाद बिजली विभाग में उपभोक्ता को नेट मीटर के लिए आवेदन करना होगा। विभाग नेट मीटर लगाने बाद जसीआर (ज्वाइंट सर्वे रिपोर्ट) उपभोक्ता को देगा। जिसके आधार पर उपभोक्ता अनुदान के लिए आवेदन करेंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में भेज दी जाएगी। यूपी नेडा के साथ ही बिजली विभाग भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार कर रहा है।

बिजली बिल में मिलेगा लाभ : इस प्लांट से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में लाभ मिलेगा। इसकी खासियत यह है कि इसमें कोई मेंटिनेंस खर्च नहीं है। इसका जीवनकाल लगभग 25 वर्षों तक है। बहुत से ऐसे उपभोक्ता हैं जो सोलर प्लांट लगवाने के लिए सोच रहे हैं, लेकिन सूचना के आभव में प्लांट नहीं लगवा पा रहे हैं।

इस तरह मिलेगा बिल में लाभ : मान लीजिए कि किसी उपभोक्ता का एक किलोवाट का कनेक्शन है। उसके महीने की खपत 200 यूनिट है। इस हिसाब से उसका बिल लगभग 15 सौ रुपये आता है। यदि वह सोलर प्लांट लगवाता है उसे महीने में 150 यूनिट बिजली सोलर से मिलेगी। अब उसे मात्र 50 यूनिट बिजली का ही बिल भुगतान करना पड़ेगा।

ऑनलाइन और आफ लाइन दोनों तरह से कर सकते हैं आवेदन : सोलर पैनल लगाने के लिए उपभोक्ता www.uppcl.org.in पर ऑनलाइन या अपने खंड कार्यालय में आफ लाइन आवेदन कर सकते हैं।

प्लांट क्षमता एक किलोवाट

अनुमानित लागत 38000

अनुदान की राशि 15,200 (केंद्र सरकार)

अनुदान की राशि 15000 (राज्य सरकार)

कुल अनुदान की राशि 30200

उपभोक्ता द्वारा देय राशि 7800

सर्किल प्रथम में लगे हैं 22 प्लांट

सर्किल द्वितीय में लगे हैं 12 प्लांट

बोले अधिकारी : उपभोक्ता चाहें तो सोलर प्लांट लगवा सकते हैं। इसमें उपभोक्ताओं को बिल में फायदा मिलेगा। जिन उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान में समस्या आ रही है वह यूपी नेडा से संपर्क करके बैंक और वित्तीय संस्थाओं से मदद ले सकते हैं। - दीपक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सर्किल द्वितीय।

Edited By: Abhishek Sharma