यूपी चुनाव 2022 : सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा सीट पर पिछली बार 1,085 मतों से हुई थी जीत-हार
Duddhi Chunav News सोनभद्र जिले का दुद्धी (403) विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश का अंतिम क्षेत्र है। पिछली बार जीते हरिराम चेरो भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल अपना दल (एस) के प्रत्याशी थे। इस बार सपा ने विजय सिंह गोंड़ को प्रत्याशी बनाया है।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : विधानसभा क्षेत्रों की संख्या के हिसाब से दुद्धी (403) प्रदेश का अंतिम क्षेत्र है। हर बार की तरह इस बार भी यहां राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 2017 में अपना दल प्रत्याशी हरिराम चेरो ने सात बार के विधायक विजय सिंह गोंड़ को मात्र 1,085 मतों से हराकर जीत हासिल की थी। अगर इस सीट के इतिहास पर गौर करें तो यहां पर आज तक भाजपा का खाता नहीं खुल सका है। पिछली बार जीते हरिराम चेरो भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल अपना दल (एस) के प्रत्याशी थे। इस बार सपा ने विजय सिंह गोंड़ को प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद स्व. रामप्यारे पनिका की पत्नी बसंती पनिका को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा और बसपा ने अब तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
वर्ष 1952 में हुए पहले चुनाव में विधायक बनने का गौरव कांग्रेस के पं. बृजभूषण मिश्रा (ग्रामवासी दद्दा) को मिला। इसके बाद स्व. रामप्यारे पनिका को दो बार व विजय सिंह गोंड़ को इस सीट से जनता ने सात बार विधायक चुना।
भारतीय जनसंघ ने एक बार दर्ज की है जीत
वर्ष 1977 के चुनाव में भारतीय जनसंघ के ईश्वर प्रसाद यहां से विधायक चुने गए। वर्ष 1952 में पहली बार हुए आम चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पं. बृजभूषण मिश्रा ने जीत हासिल की। इसके बाद कांग्रेस के ही टिकट पर सन् 1957 में राजा बड़हर आनंद ब्रह्म शाह एवं 1962 में रामप्यारे पनिका ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 1967 में अयोध्या प्रसाद, इसके बाद शिवसंपत राम इस क्षेत्र से विधायक बने।
पहली बार में जीते थे विजय सिंह गोंड़
वर्ष 1980 के चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में स्व. रामप्यारे पनिका के शिष्य के रूप में किस्मत आजमाने कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव में उतरे विजय सिंह गोंड़ ने तत्कालीन विधायक ईश्वर प्रसाद को करीब 3,200 वोट से हराकर अपनी पारी का आगाज किया, जो लगातार (सात बार) 2007 तक कायम रहा। इस दौरान वह लंबा संघर्ष कर आदिवासियों के लिए अलग से आरक्षण की मांग करते हुए 17 जातियों को अनुसूचित जाति से हटवाकर अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने में कामयाब हुए।
सेवानिवृत्त डीआइजी ने रोका विजय रथ
विजय सिंह गोंड़ का विजय रथ रोका सेवानिवृत्त डीआइजी सीएम प्रसाद ने। 2007 में डीआइजी पद से सेवानिवृत्त होकर चुनावी मैदान में आए सीएम प्रसाद ने दुद्धी सीट पर जीत दर्ज कर इसे बसपा के खाते में डाल दिया। वर्ष 2012 के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी रूबी प्रसाद को जनता ने विधायक चुना। जबकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में विजय सिंह गोंड़ बसपा की टिकट पर अपना दल (एस) के हरिराम चेरो से महज 1085 मत से हारे थे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।