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    वाराणसी में पोलियो की तर्ज पर चलेगा कोविड संवेदीकरण और संचारी रोग नियंत्रण का विशेष अभियान

    By Saurabh ChakravartyEdited By:
    Updated: Fri, 03 Sep 2021 06:04 PM (IST)

    कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुये शासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। इस क्रम में जिले में पोलियो की तर्ज पर कोविड संवेदीकरण व संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान सात सितंबर से शुरू होगा। यह विशेष अभियान 16 सितंबर तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चलेगा।

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    मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सीएमओ डॉ वीबी सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुये शासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। इस क्रम में जिले में पोलियो की तर्ज पर कोविड संवेदीकरण व संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान सात सितंबर से शुरू होगा। यह विशेष अभियान 16 सितंबर तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चलेगा। अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इस संबंध में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सीएमओ डॉ वीबी सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई।

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    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि मौसम परिवर्तन व मच्छर जनित बीमारियों से बढ़ने से यह अभियान जनपद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के प्रत्येक गांव व वार्डों में चलाया जाएगा। यह अभियान पोलियो अभियान की तर्ज पर चलेगा, जिसमें में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम तैयार की गयी है। यह टीमें घर-घर जाकर कोविड लक्षणयुक्त व्यक्तियों के साथ ही बुखार, टीबी, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि बीमारियों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों को खोजने व चिन्हीकरण कर सूची बनाने का कार्य करेंगी। इस अभियान के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास, आईसीडीएस विभाग, नगर निकाय, वन विभाग, कृषि विभाग, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ), यूनिसेफ का भी सहयोग लिया जाएगा।

    जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ वीएस राय ने बताया कि इस अभियान में नियमित टीकाकरण (आरआई) से छूटे दो वर्ष तक के बच्चों एवं 45 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों जिनका अभी तक कोविड टीकाकरण नहीं हुआ है, उनकी सूची बनाई जाएगी। बैठक में समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दिशा--निर्देश दिये गए। जिला सर्विलान्स अधिकारी व एसीएमओ डॉ एसएस कनौजिया ने बताया कि इस अभियान में पाँच सूचकांकों पर विशेष जोर दिया जाएगा। पहला बुखार ग्रसित व्यक्ति का चिन्हीकरण, दूसरा कोविड, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया लक्षणयुक्त व्यक्ति का चिन्हीकरण, तीसरा क्षयरोग लक्षणयुक्त व्यक्तियों का चिन्हीकरण, चौथा नियमित टीकाकरण में कोई भी टीका से छूटे दो वर्ष तक के बच्चों का चिन्हीकरण एवं पांचवां कोविड टीकाकरण की किसी भी डोज से छूटे 45 वर्ष से अधिक व्यक्तियों की पहचान करना व सूची बनाना। आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन सभी प्रकार की सूचियों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध कराएंगी। इसके बाद सभी व्यक्तियों की जांच की जाएगी। किसी भी बीमारी से ग्रसित पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से उपचार किया जाएगा।

    विशेष रूप से जोर देते हुए जन सामान्य से अपील की गई कि लोग पूरी बांह वाली कमीज, पैंट व मोजे पहनें, नियमित रूप से मच्छरदानी लगाकर सोएं, शौच के लिए हमेशा शौचालय का प्रयोग करें, खाने से पहले व शौच के बाद हाथ साबुन से जरूर धोएं, पीने एवं खाना बनाने के लिए हमेशा इंडिया मार्क 2 हैंडपंप के पानी का ही प्रयोग करें। घरों के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से भर दें, इसमें जमा पानी में मच्छर पनपते हैं। चूहे, छछूंदरों, कॉकरोच इत्यादि पर नियंत्रण के उपाय अपनाएं, इनसे अनेक रोग फैलते हैं। घर के भीतर एवं आसपास पानी न जमा होने दें, जैसे टायर और खुले में रखे कोई भी बर्तन, गमलों के नीचे रखी ट्रे, फ्रिज के नीचे लगी ट्रे आदि। कूलर, पशु-पक्षियों को पनि पिलाने के बर्तन व खुला जल भंडारण टैंक के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।

    बैठक में एसीएमओ डॉ एके मौर्य, डिप्टी सीएमओ डॉ सुरेश सिंह, डॉ एके पांडे, डीएचआईईओ हरिवंश यादव, समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक, डबल्यूएचओ से डॉ सतरुपा व यूनिसेफ से डॉ शाहिद मौजूद रहे।