जागरण संवाददाता, बलिया : यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 20 दिन पहले से चक्रव्यूह की रचना की गई थी, लेकिन परीक्षा के पहले दिन से नकल माफिया सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को हाईस्कूल के संस्कृत विषय की परीक्षा थी, लेकिन उसकी हल कापी सोमवार की रात से ही वायरल होने लगी। कई स्थानों पर हल कापी बिक्री करने की भी सूचना है। इसकी जानकारी होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक सहित प्रशासन में खलबली मच गई। हल कापी वायरल होने के बाद जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित कर दी है।

जिले में 818 एटी, और 818 एओ संकेतांक का प्रश्न पत्र आया था। यदि हल कापी में इसी प्रश्न पत्र के उत्तर होंगे तो इस विषय की परीक्षा रद भी हो सकती है। वैसे त्रिस्तरीय समिति में शामिल उप जिलाधिकारी बेल्थरारोड राजेश गुप्ता, क्षेत्राधिकारी राजकुमार वैस व जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ब्रजेश मिश्र जांच में जुटे हैं। बता दें कि 2020 की परीक्षा में भी कई दिन पेपर आउट हो गए थे। बाद में एसटीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा था। संस्कृत का प्रश्न पत्र वायरल होने के मामले को पुलिस अधीक्षक राज कणन नय्यर ने भी गंभीरता से लिया है। पुलिस टीम भी नकल माफिया तक पहुुंचने में जुटी है। अधिकारियों के टीम ने कई परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरा खंगाले। शक के आधार पर नगरा थाने में चार संदिग्धों को बैठाया गया था, लेकिन किसने पेपर आउट किया, यह स्पष्ट नहीं हो सका था।

बहुत जल्द सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा

हल कापी वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद जांच की जा रही है। बहुत जल्द सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। प्रथम दृष्टया हल प्रति को आज के प्रश्न पत्र से मिलान किया जा रहा है।

डा. ब्रजेश मिश्र, डीआइओएस

परीक्षा केंद्रों के खंगाले सीसी टीवी फुटेज

हाईस्कूल संस्कृत की परीक्षा से पहले ही भीमपुरा, नगरा क्षेत्र में हल प्रश्न पत्र बेचे जाने के बाद मंगलवार को पूरे दिन प्रशासनिक अमला हरकत में रहा। डीआइओएस के साथ बेल्थरारोड एसडीएम राजेश गुप्ता, रसड़ा सीओ शिवनारायण वैस की टीम ने एक दर्जन परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरा खंगाला। कई केंद्रों के सीसी टीवी कैमरे का वाइस बंद होने और कैमरे के खराब होने की भी जानकारी मिली। प्रश्नपत्र एक ही होने के संदर्भ में अधिकारियों ने इन्कार किया। वायरल हल प्रश्नपत्र और बोर्ड के प्रश्नपत्र में 70 फीसद प्रश्न एक ही पाया गया है। देर शाम तक प्रशासन किसी निर्णय तक नहीं पहुंचा था।

Edited By: Saurabh Chakravarty