वाराणसी, जेएनएन। महाशिवरात्रि पर संबंधों की डोर में बंधी काशी विशेष रूप में नजर आई। अलग- अंदाज में अपने बाबा का विवाहोत्सव मनाने समूची काशी उमड़ पड़ी। दोपहर बाद शहर से लेकर गांव तक से बरात शोभायात्राएं निकाली गईं। इसमें बाबा भोले के सिर सेहरा सजाया और बराती रूप में पूरा शहर झूमता नजर आया। किसी ने भूत-पिशाच का रूप लिया तो किसी ने शिवलोक सजाया। लाग-विमान व वाद्य यंत्रों के साथ जब बारातियों का रेला सड़कों पर उतरा तो किनारे, छत-बारजे या गली चौबारे पर खड़े श्रद्धालु भी झूमने से खुद को रोक न सके। 

दारानगर स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर से निकली शिव बरात में राष्ट्र धर्म नजर आया तो लोगों ने हर हर महादेव उद्घोष संग मां भारती की जयकार को एकाकार किया। हाथी - घोड़ा-ऊंट, सपेरा, बंदर, भूत-पिशाच, ढोल -नगाड़े, बैंडबाजे से इसे भव्य रूप दिया। राम दरबार, मां दुर्गा, काली आदि देवियों की झांकी से आकर्षित किया। अबीर -गुलाल से माहौल होलियाना भी किया। बरात दारानगर, मैदागिन, चौक, बांसफाटक होते दशाश्वमेध घाट पहुंचकर समाप्त हुई। 

तिलभांडेश्वर मंदिर से निकली बरात विभिन्न रास्तों से होते पुन: तिलभांडेश्वर मंदिर पहुंची। लक्सा लाल कुटी व्यायामशाला से निकली बरात का दशाश्वमेध पर समापन किया गया। सुशील यादव, अजय वर्मा, नरसिंह बाबा आदि थे। सारनाथ के तिलमापुर व अर्दलीबाजार महावीर मंदिर से भी धूमधाम से शिव बरात निकाली गई।  

108 नर्मदेश्वर शिवलिंग का रुद्राभिषेक 

बिरदोपुर स्थित कैलाश मठ से कैलाश पीठाधीश्वर न्याय वेदांताचार्य महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी महाराज के सानिध्य में भव्य बरात शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 108 महिलाएं शिवलिंग लिए चल रहीं थीं। शोभायात्रा के बाद 108 नर्मदेश्वर शिवलिंग व द्वादश ज्योतिर्लिंग प्रतिरूप का 108 शिवभक्त परिवारों द्वारा सामूहिक रुद्राभिषेक किया गया। जागेश्वर महादेव मंदिर में भी पूजन-अभिषेक किया गया।

शोभायात्रा में आकर्षण रहा शिव-पार्वती स्वरूप

अखिल भारतीय केशरवानी वैश्य युवक सभा की ओर से शुक्रवार को शिवरात्रि पर हरिदास कटरा से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शिव भक्त बैंडबाजा की धुन पर नाचते हुए सेनपुरा आदि विश्वेश्वर महादेव पहुंचे। घोड़े पर सवार भगवान शिव का व माता पार्वती का स्वरूप आकर्षण का केंद्र था। मुख्य अतिथि मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय थे। अजय केशरी, संजय केशरी, राना केशरी, लल्ली चौधरी, नीरज कोशरी, विजय, राकी, गोपाल, बाबी, सुषमा, सुरेखा, विनीता, सुप्रिया, शिल्पी, हरी, नेहा, सुमन, डा. एमके गुप्ता, सीताराम, श्यामलाल आदि थे। संचालन सभा के महामंत्री अक्षय केशरी ने किया।

अंधेरे में गुजरी बाबा की बरात

मामूली सी बारिश में भी शुक्रवार को कई इलाकों की बत्ती गुल रही। सुबह में नाटी ईमली फीडर ब्रेक डाउन हो गया। इसके कारण क्षेत्र में करीब साढ़े तीन घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। वहीं शाम को जब बाबा की बरात निकली तो भी कई क्षेत्रों में अंधेरा था। खासकर बांसफाटक, बेनियाबाग, लहुराबीर, नदेसर आदि क्षेत्रों में दो से तीन घंटे आपूर्ति बाधित रही। इसके कारण लोगों को बिजली-पानी के लिए परेशान होना पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि मामूली बारिश में भी बिजली को झटका लग रहा है। यानी आने वाली गर्मी में बिजली की स्थिति कैसे ठीक रहेगी।  

Posted By: Abhishek Sharma

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