Sant Nirankari Mission : जीवन जीते जी ही मुक्त होना मुक्ति है, वाराणसी में बोलीं सद्गुरु माता सुदीक्षा
संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान मे रिंग रोड फेज वन पर स्थिति ऐढ़े गांव के मैदान में संत समागम का आयोजन हुआ। मंगलवार रात नौ बजे तक निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने भक्तों के बीच प्रवचन किया।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान मे रिंग रोड फेज वन पर स्थिति ऐढ़े गांव के मैदान में संत समागम का आयोजन हुआ। मंगलवार रात नौ बजे तक निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने भक्तों के बीच प्रवचन किया। सद्गुरु माता के आगमन पर जयघोष से गूंज उठा। सद्गुरु माता के स्वागत में बाल संगत के बच्चों के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
सद्गुरु माता ने उपस्थित भक्तों को अपने आधात्मिक प्रवचन में कहा कि इंसान जाती पाती के तमाम बन्धनों में जकड़ा हुआ है। अगर ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति करले तो इन बंधनो से मुक्ति पा जाता है। सही मायने में वही मुक्ति का अधिकारी होता है। सद्गुरु माता ने कहा कि जैसे जब बच्चा छोटा होता है उस समय उसके मन मे किसी प्रकार का भेदभाव किसी के प्रति नही होता है जैसे जैसे उम्र बढ़ती है समाज उसे अनेक प्रकार के बंधनों में बांध देता है।
उसी समय यदि उसे ब्रह्मज्ञान हो जाय तो वह जात पात के बन्धनों से ऊपर उठ कर एक सच्चा इंसान बन जाता है इस प्रकार ब्रह्मज्ञान ही एक मात्र मुक्ति माध्यम है सद्गुरु माता ने कहा कि जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।
नजर बदले नजारे बदल जाते है इंसान की सोच बदलने से समाज मे सुंदरता स्वतः आ जाती है। इस समागम में वाराणसी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों से सभी संतों ने हिस्सा लेकर सद्गुरु माता जी के पावन प्रवचनों द्वारा स्वयं को निहाल किया तथा उनके दिव्य दर्शनों के उपरांत सभी के हृदय में अपने सद्गुरु के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट किया। वाराणसी के जोनल इंचार्ज श्री सिद्धार्थ शंकर सिंह ने सद्गुरु माता के प्रति हृदय से आभार प्रकट करते हुवे प्रशासन एवं स्थानीय सज्जनों के सहयोग के लिए धन्यवाद भी किया। जिसमें वाराणसी, मीरजापुर, चन्दौली,गाजीपुर, सोनभद्र, जौनपुर जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त एवं प्रभु प्रेमी पहुंंचे। इस दौरान सभी ने अपनी भावनाओं को भजनों, विचारों व कविताओं के माध्यम से सद्गुरु के समक्ष व्यक्त किया।
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