चंदौली, जागरण संवाददाता। बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ के बच्चों को ट्रेनों से दिल्ली, मुंबई, गुजरात, सूरत ले जाकर बाल मजदूरी कराने वालों पर अब आरपीएफ की पैनी नजर होगी। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के साथ मिलकर ट्रेनों में भिक्षाटन व सफाई करने वाले बच्चों की खोज करेगी। बालश्रम के लिए जाने वाले बच्चों को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। शिफ्टवार टीम जंक्शन व ट्रेनों की जांच करेगी। बच्चों की तस्करी करने वालों पर कार्रवाई होगी। रविवार को आरपीएफ पोस्ट में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बाल तस्करी करने वाले तस्कर असहाय लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके बच्चों को बड़े महानगरों में काम के लिए ले जाते हैं। जंक्शन पर कई बार ऐसे बच्चों की बरामदगी भी की जा चुकी है। वहीं अधिकांश बच्चे ट्रेनों में सफाई व भिक्षाटन कर जीविकोपार्जन करते हैं। अब इन बच्चों के भविष्य की चिंता की जाएगी। अगर बच्चों के अभिभावकों का पता चलेगा तो बच्चों को उनके सुपुर्द भी कर दिया जाएगा। रेलवे चाइल्ड लाइन ने बिछड़े सैकड़ों बच्चों को उनके स्वजन से मिलवाया है। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि बाल तस्करी रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस तरह की तस्करी में अगर कोई भी शामिल होगा तो उसके बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन के कोआर्डिनेटर सुंदर सिंह, महिला सदस्य चंदा, आरपीएफ के उपनिरीक्षक रामविलास राम, महिला उपनिरीक्षक अर्चना कुमारी मीना, सहायक उपनिरीक्षक बीपी सिंह आदि उपस्थित रहे।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty