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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन को मुद्दा बनाने का रेलकर्मियों ने किया आह्वान, दो हजार से अधिक कर्मचारी हुए एकजुट

Published: Mon, 29 Jan 2024 11:42 AM (IST)

Old Pension पूर्वाेत्तर रेलवे के कोचिंग डिपो कार्यालय के समक्ष आयोजित कार्यक्रम के मंच से कहा गया कि हूबहू पुरानी ...और पढ़ें

लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन को मुद्दा बनाने का रेलकर्मियों ने किया आह्वान
लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन को मुद्दा बनाने का रेलकर्मियों ने किया आह्वान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पुरानी पेंशन प्राप्त करने के लिए विभिन्न रेल यूनियनों के दो हजार से ज्यादा कर्मियों ने लोकसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाने का आह्वान किया। ''एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो जन संवाद'' में अपनी ताकत दिखाने के लिए कर्मचारी शुरू से अंत तक डंटे रहे।

पूर्वाेत्तर रेलवे के कोचिंग डिपो कार्यालय के समक्ष आयोजित कार्यक्रम के मंच से कहा गया कि हूबहू पुरानी पेंशन के अलावा कुछ भी स्वीकार्य नहीं है। जन संवाद को संबोधित करते हुए नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जन संवाद के मुख्य अतिथि विजय कुमार बंधु ने कहा कि हमें एनपीएस में संसोधन मंजूर नहीं है।

वहीं, इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जन संवाद के विशिष्ट अतिथि मनोज पांडेय ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा हक है, जिसे हम लेकर रहेंगे। फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र पाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन को मुख्य मुद्दा बनाना हमारा लक्ष्य है।

आल इंडिया लोकों रनिंग स्टाफ एसोसिएशन पूर्वोत्तर रेलवे ज़ोनल अध्यक्ष जेएन शाह और उत्तर रेलवे एलरसा लखनऊ मंडल अध्यक्ष एसएस हांडा ने संयुक्त रूप से कहा कि एलरसा लगातार पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष करता रहा है।

मान्यता प्राप्त संगठन से मिला कर्मचारियों के साथ धोखा

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष व जन संवाद की अध्यक्षता करते हुए अखिलेश पांडेय ने कहा कि कई वर्षों के संघर्ष के बाद आज सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली बना है। कहा कि रेलवे में मान्यता प्राप्त फेडरेशन रेलवे कर्मचारियों के साथ दोखा कर रही है।

इनकी रही भागीदारी

एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो जन संवाद में उत्तर मध्य रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, एमसीएफ, रायबरेली, बीएलडब्लू - वाराणसी, रेलवे में कार्यरत एलरसा, एस्मा, गार्ड काउंसिल, एआइआरटीयू, आरकेटिये,प्वाइंट मैंन, एससी/एसटी, ओबीसी एसोसिएशन सहित सभी कटेरिगकल एसोसिएशन, डिफेंस कानपुर, बीएचयू, सम्पूर्णानन्द, डाक विभाग, बिजली विभाग इत्यादि से बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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