मऊ में मंदिर धर्मशाला विवाद को लेकर दो पक्ष आमने सामने, पुलिस मौके पर पहुंची Mau news
मंदिर पर कब्जे को लेकर पूर्व में हो चुके विवाद के बाद रविवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए।
मऊ, जेएनएन। थाना के पीछे मंदिर धर्मशाला की दावेदारी के लिए विवाद कर रहे दोनों पक्ष रविवार को एक बार फिर आपस में उलझ गए और पुलिस के सामने ही भिड़ गए। मामला जब गंभीर हुआ तो भारी संख्या में पुलिस बल विवादित मंदिर धर्मशाला पर पहुंची। इसी बीच सूचना पाकर सीओ घोसी श्वेता आशुतोष ओझा भी वहां पहुंचीं और दोनों ही पक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए खदेड़ दिया। चेतावनी दीं कि मंदिर धर्मशाला को लेकर प्रशासन कठोर कार्रवाई के लिए तैयार है। आए दिन पूजा-पाठ को लेकर किए जा रहे विवाद के प्रति अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ को लेकर दोनों पक्षों को पहले ही हिदायत दी गई है बावजूद लड़ाई-झगड़ा पर अमादा हैं। उधर मंदिर में पूजा पाठ नाम पर किसी भी पक्ष के अनावश्यक लोगों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थोड़ी देर बाद सीओ ने दोनों पक्षों को मंदिर धर्मशाला विवाद के मुकदमे के कागजात के साथ थाने में बुलवाया। थोड़ी देर बाद तहसीलदार सदर ब्रजेश मिश्र भी थाने पहुंचे। दोनों पक्षों के मौजूदगी में न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे के कागजात व मुकदमे की सुनवाई के दौरान होने वाले आदेशों व कार्यवाहियों को देखने के बाद तहसीलदार ने कहा कि जब तक किसी के पक्ष में कोई ठोस फैसला नहीं आ जाता, किसी को भी मंदिर में पूजा-पाठ से रोका नहीं जा सकता। मामला न्यायालय में अभी लंबित है इसलिए कोई भी पक्ष मंदिर प्रांगण में कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकता। इस बीच तहसीलदार के सामने मंदिर के अस्तित्व खत्म करने और न्यायालय और प्रशासन की चेतावनी के बाद भी मंदिर में हैंडपंप और नया निर्माण करने को लेकर दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। एक पक्ष का कहना था कि समूचे कस्बावासियों के लिए पितरों को ङ्क्षपडदान करने तथा श्राद्ध तर्पण करने व महिलाओं के घाट नहाने की परंपरा उसी मंदिर परिसर में है। हालांकि दोनों पक्षों के मंदिर धर्मशाला पर स्वामित्व व पूजा पाठ को लेकर आए दिन होने वाले विवाद को देखते हुए सीओ ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में विवादित मंदिर धर्मशाला पर धारा 145 के अंतर्गत कार्यवाही करने का भी संकेत दे दिया।
उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ को लेकर दोनों पक्षों को पहले ही हिदायत दी गई है बावजूद लड़ाई-झगड़ा पर अमादा हैं। उधर मंदिर में पूजा पाठ नाम पर किसी भी पक्ष के अनावश्यक लोगों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थोड़ी देर बाद सीओ ने दोनों पक्षों को मंदिर धर्मशाला विवाद के मुकदमे के कागजात के साथ थाने में बुलवाया। थोड़ी देर बाद तहसीलदार सदर ब्रजेश मिश्र भी थाने पहुंचे। दोनों पक्षों के मौजूदगी में न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे के कागजात व मुकदमे की सुनवाई के दौरान होने वाले आदेशों व कार्यवाहियों को देखने के बाद तहसीलदार ने कहा कि जब तक किसी के पक्ष में कोई ठोस फैसला नहीं आ जाता, किसी को भी मंदिर में पूजा-पाठ से रोका नहीं जा सकता। मामला न्यायालय में अभी लंबित है इसलिए कोई भी पक्ष मंदिर प्रांगण में कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकता। इस बीच तहसीलदार के सामने मंदिर के अस्तित्व खत्म करने और न्यायालय और प्रशासन की चेतावनी के बाद भी मंदिर में हैंडपंप और नया निर्माण करने को लेकर दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। एक पक्ष का कहना था कि समूचे कस्बावासियों के लिए पितरों को ङ्क्षपडदान करने तथा श्राद्ध तर्पण करने व महिलाओं के घाट नहाने की परंपरा उसी मंदिर परिसर में है। हालांकि दोनों पक्षों के मंदिर धर्मशाला पर स्वामित्व व पूजा पाठ को लेकर आए दिन होने वाले विवाद को देखते हुए सीओ ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में विवादित मंदिर धर्मशाला पर धारा 145 के अंतर्गत कार्यवाही करने का भी संकेत दे दिया।
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