गीता में है सुखी जीवन का राज
श्रीमद् भागवद् गीता में है सुखी जीवन का राज

गीता में है सुखी जीवन का राज
जागरण संवाददाता, वाराणसी : नकारात्मक सोच ही हमें तनावग्रस्त बना देती है। तनाव के कारण मानसिक अवसाद और कर्महीनता से ग्रस्त मानव अपने कर्तव्य पथ से विमुख होकर जीवन के लक्ष्य से भटक जाता है। यह विचार हैं कर्नाटक की प्रसिद्ध प्रबंध विशेषज्ञ और वक्ता ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी के। वे शनिवार को बीएलडब्ल्यू के तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित तनाव प्रबंधन और राजयोग विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि गीता में है सुखी जीवन का राज जो हमें व्यर्थ और नकारात्मकता से मुक्त करता है।
श्रीरामनगर कालोनी बजरडीहा की प्रभारी ब्रह्माकुमारी सरोज दीदी व केंद्र के प्राचार्य रामजनम चौबे ने भी विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ओएन उपाध्याय और संचालन विपिन भाई ने किया।
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