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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मीरजापुर में जंगलों से चोरी छिपे बेशकीमती लकडिय़ों को काट भूमि पर कब्जा

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Tue, 25 Aug 2020 06:43 PM (IST)

विकास खंड राजगढ़ के दरवान गांव के महादेवा तलरे गाँव जंगल में बसा है।

मीरजापुर में जंगलों से चोरी छिपे बेशकीमती लकडिय़ों को काट भूमि पर कब्जा
मीरजापुर में जंगलों से चोरी छिपे बेशकीमती लकडिय़ों को काट भूमि पर कब्जा

मीरजापुर, जेएनएन। विकास खंड राजगढ़ के दरवान गांव के महादेवा, तलरे गाँव जंगल में बसा है। जंगलों के हरे भरे पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। आरोप है कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर पौधारोपण कराया जाता है लेकिन वन विभाग की लापरवाही से जंगल का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। इस समय जंगल में सागौन, नीम, शीशम, काहो, विजयशाल की लकडिय़ा तेजी से काटकर गायब कर दी जा रही है। आरोप है कि वही विभाग सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। वही निकरिका जंगल से भी बेशकीमती लकडिय़ों को काटकर लोग भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि भवानीपुर, चौखड़ा, चंदनपुर में रोजाना अवैध लकडिय़ा काटी जा रही हैं कार्यवाही के नाम पर वन विभाग चुप्पी साध रखा है। जंगल से लकडिय़ा काटकर अगले दिन होटलों में बेच दी जाती है। शाम के समय में लकड़ी काटने वाले देखे जा सकते हैं। हर साल सरकार लाखों रुपये पेड़ लगाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती हैं लेकिन वन विभाग के ध्यान न देने से जंगल से लकडिय़ा काट कर महंगे दामों पर बेच दी जाती है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि कई बार विभाग को सूचित किया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अगर समय रहते जिलाप्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया गया तो जंगलों को अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

बोले अधिकारी : अवैध लकडिय़ां काटने वालों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी और जो लोग जंगलों के भूमि पर कब्जा कर रहे हैं उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद, रेंजर वन विभाग भवानीपुर।