मीरजापुर आरटीओ नहीं अब शोरूम से ही जारी होगा वीआइपी वाहन नंबर, आनलाइन आवेदन संग देना होगा शुल्क
महंगे वाहनों के शौकीन लोगों को गाड़ी खरीदने से पहले ही अब वीआइपी नंबर लेना होगा। संभागीय परिवहन विभाग के बजाए अब सीधे संबंधित शोरूम से ही वाहन के लिए वीआइपी नंबर जारी किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उन्नाव में वीआइपी नंबर देने की कवायद शुरु हो गई है।

मीरजापुर, अमित तिवारी। महंगे वाहनों के शौकीन लोगों को गाड़ी खरीदने से पहले ही अब वीआइपी नंबर लेना होगा। संभागीय परिवहन विभाग के बजाए अब सीधे संबंधित शोरूम से ही वाहन के लिए वीआइपी नंबर जारी किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उन्नाव में वीआइपी नंबर देने की कवायद शुरु हो गई है। इस प्रक्रिया के आरंभ होने से पारदर्शिता संग वाहन चालकों को वीआइपी नंबर लेने में काफी सुविधा रहेगी।
जिले में भी नई व्यवस्था के पूरे प्रदेश में लागू होने के बाद से इच्छुक व्यक्ति को वीआइपी नंबर लेने के लिए वाहन खरीदने से पहले नंबर खरीदना होगा। पहले वाहन खरीदने के बाद मनचाहे नंबर खरीदे जा सकते थे, लेकिन अब इस नियम में बदलाव किया जा रहा है। यही नहीं यदि नंबर खरीदने के एक माह तक वाहन नहीं खरीदा गया, तो जमा राशि जब्त हो जाएगी और नंबर के लिए दोबारा आवेदन करना होगा और निर्धारित रकम देनी होगी। आरटीओ संजय कुमार तिवारी के अनुसार विंध्याचल मंडल के मीरजापुर 6315, सोनभद्र में 5038 तथा भदोही में 5559 सहित 16912 तीन पहिया वाहन पंजीकृत हैं। वहीं मीरजापुर में 956, सोनभद्र में 855 तथा संत रविदास नगर भदोही में 621 सहित 2432 बस पंजीकृत हैं।
प्रत्येक जिले में वीआइपी नंबर अधिकृत किए जाते हैं। इन नंबरों के लिए वाहन स्वामियों को निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। इन वाहन नंबरों को आवंटित कराने के लिए नीलामी की प्रक्रिया का प्रावधान है। इसके लिए वाहन स्वामियों को आनलाइन आवेदन करना होता है साथ ही सुविधा शुल्क भी देना पड़ता है।
वीआइपी नंबर के बुकिंग की व्यवस्था में बदलाव किया गया
वाहन के लिए वीआइपी नंबर के बुकिंग की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। डीलर के यहां से गाड़ी खरीदते समय सीधे वहां से ही वीआइपी नंबर की आनलाइन बुकिंग करानी होगी। वीआइपी नंबर खाली होने पर पंजीयन के समय जारी हो जाएगा।
- संजय कुमार तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी।
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