एनएचएआई और वाराणसी–औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे ने छात्राओं को 40 साइकिलें प्रदान कीं
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और वाराणसी-औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे ने मिलकर छात्राओं को 40 साइकिलें दीं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र ...और पढ़ें

कार्यक्रम में 40 जरूरतमंद और योग्य छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
HighLights
एनएचएआई ने छात्राओं को दी 40 साइकिलें
शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
ग्रामीण छात्राओं को मिलेगी मदद
जागरण संवाददाता, वाराणसी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड (VAH) ने मिलकर नैपुरा, डाफी के प्राइमरी स्कूल में एक साइकिल दान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 40 जरूरतमंद और योग्य छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
इसमेंनमें कम्पोजिट स्कूल सुंदरपुर, प्राइमरी स्कूल नैपुरा (डाफी) और कम्पोजिट स्कूल नवीन की छात्राएं शामिल थीं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लड़कियों को स्कूल आने-जाने में कोई कठिनाई न हो, जिससे वे बिना किसी रुकावट के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
वाराणसी–औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड (VAH) की ओर से इस कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनमें विशाल चौहान, आईएएस, मेंबर एडमिनिस्ट्रेशन, एस राजलिंगम, आयुक्त, वाराणसी मंडल, एन एल येओतकर, क्षेत्रीय अधिकारी - बिहार; पंकज कुमार मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी-यूपी पूर्व, आर के वर्मा, प्रोजेक्टर निदेशक, पीआईयू सासाराम, और अरुण कुमार, परियोजना निदेशक, पीआईयू वाराणसी शामिल थे।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए आईएएस, मेंबर एडमिनिस्ट्रेशन, विशाल चौहान ने कहा, “हर नागरिक, विशेष रूप से युवा लड़कियों के लिए सुरक्षित, सुलभ और समान आवाजाही सुनिश्चित करना एनएचएआई की राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे समुदाय के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मुख्य हिस्सा है।
वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है, क्योंकि यह आने-जाने की बाधाओं को दूर करके छात्राओं को सशक्त बनाता है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
ऐसी साझेदारियों को मजबूत करने से हमें उन समुदायों के जीवन में सार्थक, दीर्घकालिक प्रभाव डालने में मदद मिलती है जिनकी हम सेवा करते हैं। मैं इस पहल का हिस्सा बनकर खुश हूँ और सभी को ऐसे ही जन-केंद्रित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ।”
इस इवेंट में रोडीज के हेड ऑफ ऑपरेशन्स अश्विनी शर्मा ने कहा कि हम मानते हैं कि बुनियादी ढाँचे का मतलब सिर्फ सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि यह अवसरों का रास्ता बनाना भी है। यह साइकिल दान पहल हमारे कॉरिडोर के किनारे के समुदायों में युवा लड़कियों की सुरक्षित आवाजाही और उनके शैक्षिक सपनों का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जब किसी बच्चे में हर दिन स्कूल पहुँचने का आत्मविश्वास और साधन होता है, तो यह एक मजबूत और समान भविष्य की नींव रखता है। हम NHAI के निरंतर मार्गदर्शन और साझेदारी के लिए आभारी हैं और ज़मीनी स्तर पर वास्तविक और स्थायी प्रभाव डालने वाली पहलों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।”
यह साइकिल दान अभियान VAH के चल रहे ‘शिक्षांत्र प्लस’ कार्यक्रम का विस्तार है। यह कार्यक्रम भारत के 10 स्कूलों में लागू है, जिनमें वाराणसी के तीन स्कूल भी शामिल हैं। ‘शिक्षांत्र प्लस’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह शैक्षणिक ढाँचे में सुधार करता है, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देता है, सीखने के परिणामों को बेहतर बनाता है और सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करता है।
