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    तत्काल रेल टिकट के समय लिंक फेल, कंफर्म टिकट न मिल पाने से निराश हुए दर्जनों यात्री

    By Abhishek SharmaEdited By:
    Updated: Sun, 03 Jan 2021 07:40 AM (IST)

    शनिवार को भी तत्काल टिकट की कतार में लगने वाले दर्जनों यात्रियों को लिंंक फेल होने के चलते विभिन्न गाडिय़ों के कंफर्म टिकट नहीं मिल पाए। इससे इंटरनेट और रेलवे की व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री वापस लौटने को मजबूर हुए।

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    दर्जनों यात्रियों को लिंंक फेल होने के चलते विभिन्न गाडिय़ों के कंफर्म टिकट नहीं मिल पाए।

    मऊ, जेएनएन। स्थानीय जंक्शन की आरक्षण खिड़की पर पिछले कई दिनों से ऐन तत्काल टिकट बनने के समय पर ही ङ्क्षलक गायब हो जाने से यात्रियों को बिना टिकट ही बैरंग होना पड़ रहा है। शनिवार को भी तत्काल टिकट की कतार में लगने वाले दर्जनों यात्रियों को लिंंक फेल होने के चलते विभिन्न गाडिय़ों के कंफर्म टिकट नहीं मिल पाए। इससे इंटरनेट और रेलवे की व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री वापस लौटने को मजबूर हुए। अभी भी रेलवे के शीर्ष प्रबंधन की ओर से सभी ट्रेनों का संचालन शुरू न होने से महानगरों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का दबाव सीमित संख्या में चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों पर बना हुआ है।

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    यात्रा के निर्धारित दिन पर कंफर्म टिकट न मिलने से लोगों के पास तत्काल टिकट लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बच रहा है। तत्काल टिकट लेने के लिए जिले के विभिन्न भागों जैसे मधुबन, दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी आदि ब्लाकों के गांवों से आकर लोग आरक्षण खिड़की पर प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में कतार लगाते हैं। अक्सर जब तत्काल टिकट का समय आता है तो ऐन वक्त पर इंटरनेट लिंक फेल होने की सूचना दी जाती है। इससे यात्री वक्त की बर्बादी और नुकसान से तिलमिला उठते हैं। आरक्षण खिड़की पर टिकट लेने आए दोहरीघाट के पंकज सोनकर, मधुबन के मनोज कुमार व मुहम्मदाबाद के अशरफ ने बताया कि अक्सर तत्काल टिकट के समय ङ्क्षलक फेल हो जाता है। इससे कतार में लगने वाले किसी व्यक्ति को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता है। शीर्ष रेलवे प्रबंधन के अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

    बोले अधिकारी

    किसी-किसी दिन लिंक फेल होने की समस्या आती है। ङ्क्षलक दो-चार मिनट के लिए ही फेल होता है। इतने ही समय में वेटिंग टिकट मिलना शुरू हो जाता है। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। - नूर आलम, सीआरएस, मऊ।