सेहत के लिए क्या हानिकारक है ग्लूटेन का ज्यादा सेवन? जानिए क्या है ग्लूटेन युक्त पदार्थों की हकीकत
यह जानने की जरूरत है कि क्या वाकई में ग्लूटेन को नजरअंदाज करना सही है या फिर हानिकारक।
वाराणसी, जेएनएन। आजकल डायट को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। वे पैक्ड फूड लेते वक्त उसके घटक को ध्यान से देखने लगे हैं। खासतौर पर यह कि उसमें ग्लूटेन की मात्रा कितनी है। दुबला होने के लिए लोगों में ग्लूटेन फ्री फूड का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। मगर यह जानने की जरूरत है कि क्या वाकई में ग्लूटेन को नजरअंदाज करना सही है या फिर हानिकारक। एकदम से इस तत्व को छोडऩा सेहत को बिगाड़ सकता है। इस समय इसको लेकर भ्रम की स्थिति लोगों में देखी जा रही है।
सभी को नहीं करता नुकसान
वर्तमान में लोगों की लाइफ स्टाइल अव्यवस्थित हो गई है। भोजन का समय निर्धारित नहीं है। लोग फास्ट फूड ज्यादा खाने लगे हैं और ग्लूटेन की ज्यादा मात्रा ग्रहण करने लगे हैं जो हानिकारक है। लेकिन सच यह भी है कि ग्लूटेन सभी को नुकसान नहीं पहुंचाता। जिनकी प्रतिरक्षा क्षमता कम है, पेट की बीमारियों से ग्रसित हैं या फिर ग्लूटेन से एलर्जी हो तो उनके लिए यह हानिकारक होता है।
ग्लूटेन आंतों की भीतरी सतह को नुकसान पहुंचाता है लेकिन सबको नहीं। यदि ग्लूटेन फ्री खाने का सेवन कर रहे हैं तो हरी सब्जी और हरे फल जरूर खाएं ताकि शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा बनी रहे। पास्ता, पेस्ट्री, ब्रेड, कुकीज, पिज्जा आदि में ग्लूटेन अधिक पाया जाता है। ग्लूटेन वाले अन्न को एकदम न छोड़ें क्योंकि उन अनाजों में विटामिन डी, आयरन, जिंक आदि पोषक तत्व भी होते हैं जिनकी कमी शरीर में हो जाएगी। यह एक तरह का प्रोटीन कांप्लेक्स है जो गेहूं, जौ आदि अनाजों में स्वाभाविक तौर पर पाया जाता है।
- पिछले दस सालों में ग्लूटेन के चलते पीलियक डिजिज, आंतों में छोटी अल्सर, एनीमिया, आस्टियोपोरिसिस, न्यूरोलाजिकल समस्या, स्किन की बीमारियां हुईं हैं। जिस बर्तन में ग्लूटेन वाला ब्रेड बनाया और उसी में बिना साफ किए ग्लूटेन फ्री बेड बनाया तो क्रास कंटेमिनेशन हो जाता है यानी ग्लूटेन के तत्व उसमें भी आ जाते हैं। इसलिए बर्तन की सफाई जरूर करें। -डा.केएन द्विवेदी, द्रव्यगुण विभाग, बीएचयू।
पैकेट फूड का प्रयोग न करें तो बेहतर है। यह सेहत पर बहुत गहरा असर डाल रहा है। ब्रेड खरीदते समय उसमें पड़ी सामग्री पढ़ती हूं क्योंकि वह दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। - ऋचा चौरसिया, कंदवा।
पिज्जा, पास्ता ये सब पसंद है मगर ग्लूटेन की ज्यादा मात्रा इसमें होती है। इसलिए इसके साथ ही हरी सब्जियों को सेवन ज्यादा करती हूं। -स्वास्तिका मिश्रा, पांडेयपुर।
पैकेट फूड से परहेज करती हूं क्योंकि इसमें नुकसानदेह तत्व होते हैं। कोशिश यही होती कि हरी सब्जियां, मौसमी फल का सेवन ज्यादा किया जाए। -डा.स्वाति शर्मा, सुंदरपुर।
बिना जानकारी के किसी चीज से परहेज या अधिकता दोनों ही गलत है। हर किसी के शरीर के मुताबिक खाद्य सामग्री आदि का नुकसान व फायदा होता है। - तुसमु, बीएचयू।
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