जागरण संवाददाता, वाराणसी। नई दिल्ली के त्रिवेणी ऑडिटोरियम में रविवार को आयोजित अतुल्य गंगा मुंडमाल परिक्रमा यात्रा के पश्चात गंगा मंथन के अवसर पर वाराणसी के गंगा सेवक नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला का सम्मान किया गया। नमामि गंगे और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तत्वावधान में अतुल्य भारत मुंडमाल गंगा परिक्रमा यात्रा गंगोत्री से गंगासागर तक 5530 किलोमीटर की यात्रा को सेना के रिटायर्ड अधिकारियों ने 190 दिन में पूरा किया है। गंगा परिक्रमा यात्रा के दौरान दल के सदस्यों ने पारीखी पूर्वक मां गंगा की निर्मलता और अविरलता के संदर्भ में गहन अध्ययन किया। अतुल्य गंगा परिक्रमा के पूर्ण होने पर गंगा मंथन के अवसर पर गंगा सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे देश के चुनिंदा चार व्यक्तियों को सम्मान के लिए चुना गया।

वाराणसी से राजेश शुक्ला, पटना से बादल कुमार, नई दिल्ली से अभय मिश्रा और भागलपुर से चंद्रशेखर को गंगा सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। राजेश शुक्ला ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में गंगा सेवा से प्राप्त सम्मान अधिक मेहनत से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह सम्मान काशी का सम्मान है ‌मां गंगा की सेवा सर्वोपरि है। गंगा मंथन के दौरान गंगा निर्मलीकरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं प्रमुख विद्वानों ने अपने विचार रखे। गंगा मंथन के दौरान गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा के संरक्षण हेतु कौन-कौन से उपाय किए जाएं चर्चा की गई। अतुल गंगा परिक्रमा द्वारा सबका साथ हो गंगा साफ हो के उद्देश्य के साथ आगामी वर्षों में गंगा निर्मलीकरण हेतु जन भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है । गंगा तटीय क्षेत्रों में वनीकरण और स्वच्छता के संदर्भ में जागरूकता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कर्नल मनोज केश्वर की अगुवाई में लेफ्टिनेंट कर्नल हेम लोहिमी, गोपाल शर्मा, रोहित जाट, शगुन, अभय मिश्रा और ग्रीन इंडिया फाउंडेशन के मनोज शुक्ला अतुल्य गंगा परिक्रमा यात्रा के सहयोगी हैं ।

Edited By: Saurabh Chakravarty